बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर, पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी; बैतूल में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान,
बैतूल/भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब आगे बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से मध्य भारत में नमी पहुंच रही है। इसके चलते मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 25 और 26 सितंबर को विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक रहने का अनुमान है।
बैतूल में दो दिन भारी बारिश की चेतावनी
बैतूल जिले के लिए भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के बैतूल केंद्र के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 24 सितंबर को बैतूल में भारी बारिश तथा 25 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। दोनों दिनों में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहने तथा तापमान में गिरावट रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार 24 सितंबर को बैतूल में न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 25 सितंबर को न्यूनतम तापमान करीब 21 और अधिकतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके बाद 26 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

26 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार,
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को बैतूल में आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ बारिश या आंधी की संभावना है। हालांकि 27 सितंबर से मौसम में कुछ सुधार आने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट-मध्य प्रदेश में 24 सितंबर को छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा सहित कई जिलों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और दौर,
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक है, लेकिन उससे पहले सक्रिय हुए मौसम तंत्र ने बारिश का एक और दौर ला दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश में इस मानसून अब तक करीब 870.5 मिलीमीटर यानी 34.3 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से लगभग 2.4 इंच कम है। बारिश का वितरण भी पूरे प्रदेश में समान नहीं रहा है।
किसानों को सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के इस दौर का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलों, कटाई और अन्य कृषि कार्यों के दौरान किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बैतूल में 24 और 25 सितंबर बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे, जबकि 26 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी।

