बैतूल की यातायात व्यवस्था बेपटरी, बाजार में भारी वाहनों से लग रहा जाम,

0

दस साल से ट्रांसपोर्ट नगर की मांग अधूरी, बैठकों में बनती हैं योजनाएं लेकिन धरातल पर नहीं दिखता असर; दीपावली पर बढ़ सकती है परेशानी

बैतूल। शहर की यातायात व्यवस्था दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। बाजार क्षेत्रों में चार पहिया सहित भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही और सड़कों पर फुटकर व्यापारियों के अतिक्रमण के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। त्योहारों के पहले भी यातायात व्यवस्था को लेकर कोई प्रभावी रूट प्लान लागू नहीं होने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कोठी बाजार, गंज और सदर जैसे व्यस्ततम क्षेत्रों में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। वहीं, कई प्रमुख सड़कों पर चल रहे मरम्मत एवं निर्माण कार्यों के कारण भी आवागमन प्रभावित हो रहा है।

यातायात नियमों के तहत शहर में सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन इसका प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। भारी वाहन चालक बिना किसी रोक-टोक के शहर के व्यस्ततम इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं। नागरिकों द्वारा कई बार यातायात विभाग के अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। इसके चलते गंज के टांगा चौक, दिलबहार चौक, कमानी गेट और कोठी बाजार के गांधी चौक एवं नगर पालिका चौक पर अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

शहर के बाहर ट्रांसपोर्ट नगर बनाए जाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार पिछले दस वर्षों से शहर के बाहर ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने की मांग की जा रही है, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण आज तक यह योजना साकार नहीं हो सकी है। इसका खामियाजा शहर के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने के कारण व्यापारियों का माल लेकर आने वाले भारी वाहन सीधे शहर में प्रवेश करते हैं। गोदामों और दुकानों के सामने ही वाहनों को खड़ा कर माल की लोडिंग-अनलोडिंग की जाती है। इससे सड़कों पर आवागमन के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती और अन्य वाहन चालकों को परेशानी होती है। कई बार इसी वजह से यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है।

शहर का गंज क्षेत्र सबसे व्यस्ततम इलाकों में शामिल है। यहां थोक व्यापारियों के प्रतिष्ठान और गोदाम बड़ी संख्या में हैं। दूसरे शहरों से आने वाला माल यहीं उतारा जाता है और फिर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में माल वाहनों के माध्यम से पहुंचाया जाता है। इस दौरान गंज, मस्जिद चौक, दिलबहार चौक, शनि मंदिर और मैकेनिक चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर मालवाहक वाहन खड़े दिखाई देते हैं। कई स्थानों पर ट्रकों से भारी-भरकम सामान के बंडल सड़कों पर ही उतारे जाते हैं। इससे न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि राहगीरों और आसपास मौजूद लोगों के ऊपर सामान गिरने का खतरा भी बना रहता है। भारी सामान की सड़क किनारे अनलोडिंग के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद माल उतारने के लिए निर्धारित स्थान की व्यवस्था नहीं होने से यह समस्या लगातार बनी हुई है।

शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं। इनमें व्यस्ततम क्षेत्रों में निर्धारित समय के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने सहित कई निर्णय लिए जाते हैं। कुछ दिनों तक इन निर्णयों का पालन भी होता है, लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है। ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर ही वाहन मरम्मत के गैराज संचालित हो रहे हैं। गंज क्षेत्र में बस स्टैंड, मैकेनिक चौक, विजय भवन सहित अन्य स्थानों पर सड़कों पर ही वाहनों की मरम्मत, लोडिंग और अनलोडिंग का काम होता है। इससे सड़क पर जगह कम हो जाती है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। जानकारों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा अब तक ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन चिह्नित नहीं की जा सकी है। वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में यातायात की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

आगामी दीपावली त्योहार को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। त्योहार के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदी करने जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। वहीं, व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर भी बड़ी मात्रा में सामान पहुंचता है। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और यातायात व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। खासकर कोठी बाजार और गंज क्षेत्र में यदि कोई बड़ा वाहन प्रवेश कर जाता है तो संकरी और व्यस्त सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है। ऐसे में आम नागरिकों के साथ ही व्यापारियों और वाहन चालकों को भी घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। त्योहार के दौरान इस समस्या से निपटने के लिए प्रभावी रूट प्लान, भारी वाहनों पर सख्ती और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जरूरी है।

“दीपावली त्योहार के सीजन को देखते हुए शहर की व्यस्ततम सड़कों पर नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश से रोकने के लिए नो-एंट्री जोन भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा त्योहार के दौरान सड़कों पर अतिक्रमण कर दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को दुकानें पीछे करने के लिए कहा जाएगा। व्यस्ततम स्थानों पर यातायात कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।”

सुनील अहिरवार, यातायात प्रभारी, जिला बैतूल 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here