मुलताई पुलिस की कार्रवाई, घने जंगलों में दबिश देकर अवैध शराब निर्माण के ठिकानों को किया नष्ट; लंबे समय से चल रहे कारोबार में आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती,
मुलताई। बैतूल जिले में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मुलताई थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस सहायता केंद्र प्रभात पट्टन के स्टाफ ने ग्राम उमरी एवं घाना के घने जंगलों में दबिश देकर करीब 2 से 3 क्विंटल अवैध महुआ लाहन नष्ट किया। पुलिस टीम ने मौके पर अवैध शराब निर्माण के लिए बनाए गए अड्डों और भट्ठियों को भी नष्ट किया।
पुलिस के अनुसार, बैतूल जिले में अवैध शराब के निर्माण एवं विक्रय की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश तथा एसडीओपी एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस सहायता केंद्र प्रभात पट्टन के स्टाफ ने उमरी और घाना के जंगलों में पहुंचकर अवैध रूप से शराब बनाने के लिए तैयार किए गए महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट किया।-जंगलों में बनाए गए थे शराब निर्माण के अड्डे– कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम को जंगल क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण के लिए तैयार किए गए स्थान मिले। पुलिस ने इन स्थानों पर रखे महुआ लाहन को नष्ट करने के साथ ही शराब बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले अड्डों और भट्ठियों को भी ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई में पुलिस चौकी प्रभात पट्टन के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वर्धा नदी की खाइयों के बाद उमरी-घाना में कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मुलताई क्षेत्र में वर्धा नदी के आसपास की दुर्गम खाइयों और जंगल क्षेत्रों में पुलिस द्वारा अवैध शराब निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में महुआ लाहन नष्ट किया गया था। इसके बाद अब प्रभात पट्टन क्षेत्र के उमरी-घाना के जंगलों में कार्रवाई की गई है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों से संकेत मिलता है कि दुर्गम जंगल क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण की गतिविधियां पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

भट्ठियां नष्ट, लेकिन आरोपियों तक पहुंचना चुनौती,
इन कार्रवाईयों में पुलिस द्वारा अवैध शराब निर्माण के ठिकानों और बड़ी मात्रा में महुआ लाहन को नष्ट किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध पुलिस कार्रवाई की जानकारी में इन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जंगलों में शराब निर्माण के लिए लाहन और अन्य सामग्री पहुंचाने वाले तथा तैयार शराब की आपूर्ति करने वाले लोगों तक पुलिस कब पहुंच पाएगी।
कच्ची शराब की तस्करी और आपूर्ति के तार दोनों राज्यों से जुड़े
मुलताई एवं प्रभात पट्टन क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र की सीमा से जुड़ा हुआ है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से यह चर्चा रही है कि सीमावर्ती जंगल क्षेत्रों में तैयार होने वाली कच्ची शराब की तस्करी और आपूर्ति के तार दोनों राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी विशेष व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि पुलिस द्वारा नहीं की गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जंगलों में शराब निर्माण के अड्डों को नष्ट करने के साथ-साथ इसके पीछे सक्रिय लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। नागरिकों ने पुलिस से मांग की है कि अवैध शराब निर्माण के स्रोत तक पहुंचकर इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि जंगल क्षेत्रों में चल रहे इस कारोबार पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाया जा सके।
