कबीर कॉलोनी के शेष भूखंडों की रजिस्ट्री पर रोक,85 अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी,

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मुलताई। नगर पालिका परिषद मुलताई अब नगर में विकसित हुई अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की तैयारी में है। नगर की 100 से अधिक कॉलोनियों में से 85 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया गया है, जिनसे विकास शुल्क और अन्य मदों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूले जाने का अनुमान है। इसके अलावा 11 अन्य अवैध कॉलोनियों मूल्यांकन किया जा रहा है। इस दिशा में नगरपालिका ने कार्रवाई शुरू करते हुए स्टेशन रोड स्थित कबीर कॉलोनी के शेष भूखंडों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी(सीएमओ) द्वारा उप पंजीयक कार्यालय को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नगरपालिका की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के बिना किसी भी भूखंड का पंजीयन नहीं किया जाए। जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 को कलेक्टर बैतूल की उपस्थिति में आयोजित जनसुनवाई में कबीर कॉलोनी के रहवासियों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 19 जून 2026 को भी कॉलोनीवासियों ने सामूहिक आवेदन देकर बिजली, पेयजल, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कॉलोनाइजरों ने भूखंडों का विक्रय तो कर दिया, लेकिन कॉलोनी में आवश्यक सुविधाओं का विकास नहीं कराया।

नगर में वर्षों से कई कॉलोनाइजरों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर भूखंड बेचे गए। इससे करोड़ों रुपये का कारोबार तो हुआ, लेकिन कॉलोनियों के विकास की जिम्मेदारी अंततः नगरपालिका पर आ गई। परिणामस्वरूप, नगर पालिका को जनता के टैक्स के पैसों से इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी पड़ रही हैं,

जबकि इसकी जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजरों की थी। नगर पालिका उपन्यत्री महेश शर्मा ने बताया की, नगरपालिका द्वारा चिन्हित 85 अवैध कॉलोनियों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की वसूली की जानी है। इसके लिए संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। नगरपालिका की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनियों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात सामने आई थी। हालांकि, उस समय थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया था कि पुलिस को कार्रवाई के लिए पर्याप्त और पुख्ता दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे, जिसके कारण प्रकरण दर्ज नहीं हो सका था। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस बार प्रशासन और नगरपालिका वास्तव में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रभावी और ठोस कार्रवाई कर पाते हैं। नगरपालिका द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जब तक कॉलोनी के विकास और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं तथा नगरपालिका द्वारा एनओसी जारी नहीं कर दी जाती, तब तक शेष भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य नए खरीदारों के हितों की रक्षा करना और कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित करना बताया गया है।

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