जादू-टोने के अंधविश्वास में किशोर की हत्या, हत्या के विरोध में ग्रामीणों ने लगाया जाम,

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मुलताई। मुलताई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ताईखेड़ा में अंधविश्वास और जादू-टोने के शक ने एक मासूम की जान ले ली। संतान न होने के कारण पड़ोसी महिला पर जादू-टोना करने का संदेह पाल बैठे एक युवक ने उसके 15 वर्षीय पुत्र सुदामा इवनाते की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को बोरी में बंद कर एक गहरी खाई में फेंक दिया, ताकि घटना का खुलासा न हो सके।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर सोमवार देर रात करीब 11 बजे शव बरामद कर लिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। मुलताई थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल के अनुसार, ग्राम ताईखेड़ा निवासी 15 वर्षीय सुदामा इवनाते पिता मोहन इवनाते 20 जून से लापता था। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर मुलताई थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। थाना प्रभारी विकास पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ताईखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाश अभियान चलाया। जांच के दौरान ग्राम ताईखेड़ा निवासी राकेश उईके (30) की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि पिछले लगभग दस वर्षों से उसे संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था। उसे संदेह था कि मृतक सुदामा की मां जादू-टोना करती है, जिसके कारण वह संतान प्राप्ति से वंचित है। इसी अंधविश्वास और गलत धारणा के चलते उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले सुदामा के सिर पर लोहे की सरिया से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

वारदात को छिपाने के उद्देश्य से उसने शव को बोरी में बंद किया और हथाईखेड़ा क्षेत्र की एक गहरी खाई में फेंक दिया। पुलिस टीम ने आरोपी की निशानदेही पर खाई से बोरी में बंद शव बरामद किया। सोमवार रात लगभग 11 बजे शव को बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई की गई तथा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध हत्या सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए जमकर विरोध जताया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम समाप्त कराया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सुदामा की हत्या सामान्य नहीं, बल्कि कथित तौर पर बलि देने की नीयत से की गई है।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर आरोपी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आरोपी को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक वे न्याय की मांग करते रहेंगे।
अंधविश्वास बना मासूम की मौत का कारण
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास और जादू-टोने जैसी कुरीतियों के भयावह परिणामों को उजागर करती है। एक निराधार शक ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली और पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश में डुबो दिया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है तथा परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।

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