सीएमओ वीरेंद्र तिवारी ने खुद नाली में उतरकर की जांच, ठेकेदार को नोटिस जारी,
मुलताई। नगर के भगत सिंह वार्ड में निर्माणाधीन नाली कार्य की गुणवत्ता और निर्माण मानकों को लेकर उठे सवालों के बाद नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हो गया है। वार्ड पार्षद वर्षा गडेकर द्वारा नाली निर्माण में अनियमितता, भ्रष्टाचार तथा निर्धारित तकनीकी मानकों की अनदेखी किए जाने की शिकायत किए जाने के बाद मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र तिवारी ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ वीरेंद्र तिवारी ने स्वयं नाली के भीतर उतरकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री, बेस निर्माण की गुणवत्ता तथा तकनीकी मानकों का बारीकी से परीक्षण किया। इस दौरान नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला एवं संबंधित ठेकेदार भी उपस्थित रहे। पार्षद वर्षा गडेकर ने शिकायत में आरोप लगाया था कि नाली निर्माण के लिए निर्धारित मुरूम का उपयोग करने के बजाय मिट्टी डालकर कार्य किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

सीएमओ वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि निर्माण कार्य के बेस को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी स्वीकृति के अनुसार मुरूम का उपयोग किया जाना आवश्यक है। शिकायत प्राप्त होने के बाद स्थल निरीक्षण किया गया है और प्रथम दृष्टया मामले की विस्तृत जांच आवश्यक प्रतीत हो रही है। इसी के चलते संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच में निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है अथवा घटिया सामग्री के उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेसीबी मशीन की सहायता से नाली की सफाई कराकर निर्माण की वास्तविक स्थिति को सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई के बाद तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा और जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इधर, वार्ड में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। रहवासियों का कहना है कि सरकारी राशि से होने वाले विकास कार्यों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण आवश्यक है, ताकि निर्माण कार्य टिकाऊ एवं मानक स्तर का हो तथा भविष्य में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर पालिका प्रशासन की इस कार्रवाई को विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।



