महिलाओं ने ताप्ती में किया स्नान-ध्यान, सप्तऋषियों की पूजा कर की सुख-समृद्धि की कामना; मंदिरों में हवन-पूजन, सुरक्षा के भी किए गए पुख्ता इंतजाम
मुलताई। पवित्र नगरी मुलताई में ऋषि पंचमी के अवसर पर मंगलवार सुबह से ही ताप्ती तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और ऋषि पंचमी के व्रत-पर्व के चलते ताप्ती तट पर विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाओं ने मां ताप्ती के पवित्र जल में स्नान कर ध्यान एवं पूजन किया और ऋषि पंचमी के व्रत का संकल्प लिया। इसके साथ ही विभिन्न मंदिरों में आयोजित यज्ञ, हवन एवं पूजन कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ऋषि पंचमी के अवसर पर सुबह से ही ताप्ती तट पर महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान करने के बाद ताप्ती तट एवं मंदिरों में पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने सप्तऋषियों एवं माता अरुंधती का पूजन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की।
इस वर्ष तीन प्रमुख पर्व दो दिनों में होने से विशेष रहा संयोग
लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रतिवर्ष ऋषि पंचमी पर विशेष पूजन कार्यक्रम आयोजित करने वाले पंडित गणेश त्रिवेदी एवं बंडु, राजू मूलमूले ने बताया कि सामान्यतः हरतालिका तीज के दो दिन बाद ऋषि पंचमी का व्रत किया जाता है। हालांकि इस वर्ष हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और ऋषि पंचमी के पर्व का क्रम कम अंतराल में होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए यह धार्मिक दृष्टि से विशेष अवसर रहा। महिलाओं ने गणेश चतुर्थी के व्रत का समापन करने के बाद ऋषि पंचमी के व्रत एवं पूजन की शुरुआत की। इसके चलते सुबह से ही ताप्ती तट और विभिन्न मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां देखने को मिलीं।
सप्तऋषियों और माता अरुंधती को समर्पित है ऋषि पंचमी
पंडितों के अनुसार ऋषि पंचमी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व सप्तऋषियों और माता अरुंधती के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिलाएं इस दिन व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं तथा जाने-अनजाने में हुई धार्मिक त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करती हैं। मान्यता है कि ऋषि पंचमी के दिन पवित्र नदियों में स्नान और विधि-विधान से पूजन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी धार्मिक आस्था के चलते मुलताई स्थित मां ताप्ती के तट पर ऋषि पंचमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

महाराष्ट्र सहित आसपास के जिलों से पहुंचीं महिलाएं,
ऋषि पंचमी के अवसर पर मुलताई के ताप्ती तट पर महाराष्ट्र सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने ताप्ती नदी में स्नान करने के बाद मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष भी ताप्ती तट पर श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। लक्ष्मी नारायण मंदिर सहित नगर के अन्य मंदिरों में भी ऋषि पंचमी के अवसर पर हवन, यज्ञ एवं विशेष पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। धार्मिक आयोजनों में महिलाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

भीड़ को देखते हुए ताप्ती तट पर सुरक्षा व्यवस्था-श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ताप्ती तट पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। परिक्रमा क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस बल के साथ नगर पालिका के कर्मचारियों की भी तैनाती की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो । ऋषि पंचमी के चलते ताप्ती तट पर दिनभर धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा। महिलाओं ने स्नान-पूजन के साथ सप्तऋषियों का स्मरण कर व्रत की परंपरा का निर्वहन किया।

