दो दिन में एक बार पानी, शौचालय भी बदहाल; अधिवक्ता संघ ने उठाई आवाज,

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जनसुनवाई में जिला कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, नगर में प्रतिदिन स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और तहसील परिसर में नए महिला शौचालय की मांग,

मुलताई। नगर की पेयजल व्यवस्था और तहसील परिसर में शौचालयों की बदहाल स्थिति को लेकर मुलताई अधिवक्ता संघ ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजीव कहार को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने नगर की विभिन्न समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने की मांग करते हुए नगरपालिका को प्रतिदिन स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग की।

अधिवक्ता संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में मुलताई नगर के विभिन्न वार्डों में नियमित रूप से पेयजल की आपूर्ति नहीं की जा रही है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि कई क्षेत्रों में दो दिन के अंतराल के बाद महज करीब 30 मिनट पानी की आपूर्ति की जा रही है। उनका कहना है कि वर्तमान में बारिश का मौसम होने के साथ ही हरदौली जलाशय में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और नगर में पेयजल के पर्याप्त स्रोत होने के बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं की जा रही है।

ज्ञापन में अधिवक्ता संघ ने नगर में जलापूर्ति और नलकर की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि नगरपालिका द्वारा नगरवासियों से 30 दिवस का नलकर लिया जा रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। संघ ने मांग की है कि नगरपालिका परिषद को नगर में प्रतिदिन साफ एवं स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही जितने दिनों तक नल के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, उसी अवधि के अनुरूप नलकर लिए जाने की व्यवस्था पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में पेयजल के स्टोरेज टैंक की सफाई और फिल्टर की व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि उचित सफाई एवं फिल्ट्रेशन व्यवस्था नहीं होने के कारण नगरवासियों को नियमित रूप से साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
अधिवक्ता संघ ने प्रशासन से इस मामले में नगरपालिका की जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि नगरवासियों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल मिल सके।

ज्ञापन में मुलताई तहसील परिसर में स्थित शौचालयों की स्थिति को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसील परिसर के शौचालय में यूरिनल क्षतिग्रस्त हैं तथा नियमित साफ-सफाई नहीं होने से अधिवक्ताओं और पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से महिला अधिवक्ताओं के लिए उचित एवं सुविधाजनक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया है। संघ ने तहसील कार्यालय परिसर में वर्तमान शौचालय को हटाकर नवीन शौचालय का निर्माण कराने तथा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

अधिवक्ता संघ ने जिला प्रशासन से नगर की पेयजल व्यवस्था और तहसील परिसर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा नगरवासियों को नियमित रूप से मिलना चाहिए, वहीं तहसील परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं उपयोगी शौचालय की व्यवस्था भी आवश्यक है।


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