10 पंपों की टेस्टिंग शुरू, पांच पंपों का परीक्षण सफल; कम बारिश के चलते जल उपलब्धता पर चिंता, किसानों से कम पानी वाली फसलों की बुवाई करने की अपील,
मुलताई। रबी सिंचाई वर्ष 2026-27 के लिए जल संसाधन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पारसडोह मध्यम उद्वहन सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के पाइप नेटवर्क के माध्यम से सिंचाई संचालन का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। वरिष्ठ सिंचाई अधिकारियों की उपस्थिति में परियोजना के पंपों की टेस्टिंग की जा रही है। अब तक पांच पंपों का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। सभी पांचों पंप चालू स्थिति में पाए गए हैं और जांच के दौरान कोई तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है। शेष पांच पंपों की टेस्टिंग भी शाम तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, जिला मुख्यालय पर आयोजित जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक पारसडोह मध्यम उद्वहन सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र के किसानों को रबी सीजन में एक बार पलेवा और एक बार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए विभाग ने तकनीकी तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जा सके।

10 पंपों के जरिए संचालित होगी सिंचाई व्यवस्था,
पारसडोह सिंचाई परियोजना में दायीं और बायीं तट नहरों के लिए कुल 10 पंप लगे हैं। इनमें पांच पंप बायीं ओर तथा पांच पंप दायीं ओर स्थापित हैं। विभाग ने बायीं ओर के सभी पांच पंपों को एक-एक घंटे चलाकर उनकी कार्यक्षमता की जांच पूरी कर ली है। सभी पंप सही तरीके से काम करते पाए गए हैं। शेष पांच पंपों का परीक्षण पूरा होने के बाद सिंचाई संचालन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पंपों की टेस्टिंग का उद्देश्य सिंचाई सीजन शुरू होने से पहले पाइप नेटवर्क और जल आपूर्ति व्यवस्था की कार्यक्षमता सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों को निर्धारित मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के दौरान तकनीकी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

कम बारिश से बांधों में सीमित जल उपलब्धता की चिंता
इस वर्ष कम वर्षा होने के कारण मुलताई सिंचाई डिविजन के अंतर्गत आने वाली लगभग 110 सिंचाई परियोजनाओं में जल संग्रहण प्रभावित हुआ है। इनमें पांच मध्यम सिंचाई परियोजनाएं भी शामिल हैं। कम बारिश के चलते कई परियोजनाओं के बांध पूरी क्षमता से नहीं भर पाए हैं। ऐसे में रबी सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो पाएगा या नहीं, इसको लेकर चिंता बनी हुई है।
पारसडोह बांध में वर्तमान में लगभग 77 प्रतिशत जल संग्रहण बताया गया है। विभागीय योजना के अनुसार, परियोजना के कमांड क्षेत्र में आने वाले लगभग 19,785 हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों को निर्धारित व्यवस्था के तहत सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना है। हालांकि, सीमित जल उपलब्धता को देखते हुए इस बार किसानों को पानी का उपयोग बेहद सावधानी और समझदारी से करना होगा।

पानी का अपव्यय रोकने के लिए किसानों से सहयोग की अपील,
जल संसाधन विभाग ने कमांड क्षेत्र के किसानों से सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी का अधिकतम दक्षता के साथ उपयोग करने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की पाइप लाइनों के माध्यम से पानी की आपूर्ति के दौरान किसी भी प्रकार का अनावश्यक अपव्यय नहीं होना चाहिए। जल वितरण व्यवस्था को सुचारू और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए किसानों से निर्धारित नियमों का पालन करने तथा जल उपयोगिता समितियों के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई है ताकी कमांड क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सिंचाई का लाभ मिले।
कम पानी वाली फसलों की बुवाई करने की सलाह,
कम वर्षा और सीमित जल संग्रहण को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने किसानों को इस रबी सीजन में कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों की बुवाई करने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, उपलब्ध पानी का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करने के लिए फसल चयन में सावधानी बरतना जरूरी है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फसलों की सिंचाई की जरूरत का आकलन कर ही बुवाई करें, ताकि उपलब्ध जल का उपयोग लंबे समय तक और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सके। पानी की बचत और बेहतर जल प्रबंधन से कमांड क्षेत्र के किसानों को सीमित संसाधनों में सिंचाई का लाभ दिलाने में मदद मिल सकती है।

इनका कहना
पारसडोह मध्यम उद्वहन सिंचाई परियोजना से रबी फसलों के लिए किसानों को क्षमता के अनुसार एक पलेवा और एक पानी उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दायीं और बायीं तट नहरों के लिए लगाए गए कुल 10 पंपों में से पांच पंपों की टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। शेष पांच पंपों का परीक्षण भी शाम तक पूरा करने का लक्ष्य है। सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी को ध्यान में रखते हुए किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही किसानों से पानी का सदुपयोग करने और कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों की बुवाई करने की अपील की गई है।
शिवकुमार नागले
एसडीओ जल संसाधन विभाग मुलताई
