अवैध कॉलोनियों पर नपा का शिकंजा, 71 कॉलोनाइजरों को विकास शुल्क जमा करने के नोटिस,

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मुलताई। नगर पालिका परिषद मुलताई ने नगर में विकसित की गई अनाधिकृत एवं अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पवित्र नगरी मुलताई में चिन्हित 81 अवैध कॉलोनियों में से 71 कॉलोनी स्वामियों एवं कॉलोनाइजरों को विकास शुल्क जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में सात दिवस के भीतर निर्धारित विकास शुल्क नगर पालिका कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। समय-सीमा में शुल्क जमा नहीं करने पर मध्यप्रदेश नगरपालिका कॉलोनी विकास नियम-2021 के तहत वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

नगर पालिका के उपयंत्री महेश शर्मा ने बताया कि प्रशासन द्वारा नगर की 81 अनाधिकृत कॉलोनियों की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की गई है। प्रथम चरण में 71 कॉलोनियों के स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 12 फरवरी 2025 को समाचार पत्रों के माध्यम से नागरिक अधोसंरचना एवं ले-आउट संबंधी अंतिम अधिसूचना प्रकाशित की गई थी, जिसमें संबंधित भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित किए जाने का उल्लेख है।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश नगरपालिका कॉलोनी विकास नियम-2021 के नियम 23(7) के अनुसार विकास शुल्क निर्धारित किया गया है। संबंधित कॉलोनाइजरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार निर्धारित विकास शुल्क सात दिवस के भीतर नगर पालिका कोष में जमा कराएं। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं होने पर नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनी स्वामी की होगी।

इधर नगर पालिका ने कबीर कॉलोनी के कॉलोनाइजर के खिलाफ भी कार्रवाई आगे बढ़ाई है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी द्वारा बुधवार को एक और नोटिस जारी कर कॉलोनी संबंधी विस्तृत जानकारी 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 22 जून को नगर पालिका ने कॉलोनी में भूखंडों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाने संबंधी नोटिस जारी किया था। नगर पालिका को प्राप्त शिकायतों में कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया है कि कॉलोनाइजर द्वारा भूखंडों का विक्रय तो कर दिया गया, लेकिन कॉलोनी में बिजली, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।……..

इसके चलते रहवासियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नवीन नोटिस में कॉलोनाइजर को कॉलोनी का स्वीकृत ले-आउट, कॉलोनी में शेष रिक्त भूमि तथा उद्यान हेतु आरक्षित भूमि का क्षेत्रफलवार विवरण 24 घंटे के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने पर मध्यप्रदेश नगरपालिका कॉलोनी विकास नियम-2021 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कबीर कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के संबंध में यह पूछे जाने पर की जब नगर पालिका ने विकास शुल्क की राशि ली है तो मूलभूत सुविधा कॉलोनाइजर उपलब्ध कराएगा या नगर पालिका महेश शर्मा ने बताया कि संबंधित कॉलोनाइजर द्वारा विकास शुल्क की राशि केवल स्वयं द्वारा किए गए निर्माण कार्यों को छोड़कर जमा की थी। नियमानुसार कॉलोनाइजर को रहवासी संघ का गठन कर कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं के विकास एवं रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करनी थी, जो नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कॉलोनाइजरों को अपने रहवासियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कॉलोनीवासियों को बिजली, पानी, सड़क, नाली सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अक्सर नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराते हैं, जिससे यह संदेश जाता है कि नगर पालिका कार्य नहीं कर रही है, जबकि नियमों के अनुसार कॉलोनियों में प्रारंभिक अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजरों की होती है।

इनका कहना
“नगर की 81 अवैध कॉलोनियों के संबंध में नगर पालिका का उद्देश्य पूरी तरह स्पष्ट है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कॉलोनीवासियों को बिजली, पानी, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलें तथा उन्हें अपनी आवश्यकताओं के लिए भटकना न पड़े। कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना कॉलोनाइजरों की जिम्मेदारी है और इसी दिशा में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।”
— वीरेंद्र तिवारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुलताई ,

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