ताप्ती तट से प्रचार रथ रवाना ,मां ताप्ती जन्मोत्सव सप्ताह की तैयारियां शुरू, 

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मुलताई। पवित्र नगरी मुलताई में सूर्यपुत्री मां ताप्ती के पावन जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। अषाढ़ शुक्ल सप्तमी के अवसर पर आयोजित होने वाले ताप्ती जन्मोत्सव सप्ताह के अंतर्गत इस वर्ष भी ताप्ती तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा नगर सहित क्षेत्र के 125 गांवों में एक साथ धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जन्मोत्सव सप्ताह के प्रचार अभियान का शुभारंभ मंगलवार को मां ताप्ती के पावन तट से ताप्ती जन्मोत्सव प्रचार रथ को रवाना कर किया गया।

न्यास के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले दस वर्षों से ताप्ती जन्मोत्सव को सप्ताहभर चलने वाले जनजागरण अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान हजारों कार्यकर्ताओं की सहभागिता से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष भी 14 से 20 जुलाई तक जन्मोत्सव सप्ताह के अंतर्गत अनेक धार्मिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

समिति के राजेंद्र सिंह ठाकुर ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 14 जुलाई को मां ताप्ती के पवित्र जल से कलश पूजन के साथ जन्मोत्सव सप्ताह का शुभारंभ होगा। इसके बाद कलशों को क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचाया जाएगा, जहां विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी तथा मंदिरों में ध्वजारोहण होगा। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान घरों, मंदिरों, विद्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा। 16 जुलाई को गौ-पूजन एवं गौ-रक्षा संकल्प दिवस मनाया जाएगा।

इस अवसर पर गौ-संरक्षण के महत्व पर संगोष्ठियों का आयोजन कर लोगों को भारतीय संस्कृति और गौ-सेवा के प्रति जागरूक किया जाएगा। 17 जुलाई को मां ताप्ती उपवन में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। समिति ने बताया कि पिछले दस वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार पौधारोपण किया जा रहा है तथा गांव-गांव में ताप्ती उपवन विकसित किए जा रहे हैं। पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधे अब हरे-भरे वृक्षों का रूप ले चुके हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में समिति के प्रयासों की सफलता का प्रमाण हैं।

18 जुलाई को समरसता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सभी धर्मों के लोगों की सहभागिता से जल आहुति दी जाएगी तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्येक घर से खिचड़ी संग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 19 जुलाई को बच्चों और युवाओं के लिए “ताप्ती बनो” प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं शाम को मां ताप्ती तट पर भव्य महा आरती का आयोजन होगा, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी। जन्मोत्सव सप्ताह का समापन 20 जुलाई, अषाढ़ शुक्ल सप्तमी के दिन होगा।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा दंडवत परिक्रमा की जाएगी तथा शाम को भव्य दीपोत्सव आयोजित कर मां ताप्ती का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे जन्मोत्सव सप्ताह के सभी कार्यक्रमों में सहभागिता कर मां ताप्ती के संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं के इस महाअभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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