- अमरदीप मौत मामले में अनमोल हॉस्पिटल पर प्रशासन सख्त, चार घंटे चली जांच, अनमोल हॉस्पिटल के रिकॉर्ड और उपकरणों की जांच, सीएमएचओ को सौंपी जाएगी रिपोर्ट,अमरदीप सिंह प्रकरण: जांच दल ने खंगाले अस्पताल के दस्तावेज, कई उपकरण जब्त,मुलताई में चर्चित मौत मामले की जांच तेज, अनमोल हॉस्पिटल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम,
मुलताई। नगर के युवा व्यापारी अमरदीप सिंह की मृत्यु के बाद हुए विरोध प्रदर्शन और प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर पारेगांव रोड स्थित निजी अनमोल हॉस्पिटल की जांच शुरू हो गई है। जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज हुरमाड़े को जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सीएमएचओ ने चार वरिष्ठ चिकित्सकों का जांच दल गठित किया।

गठित जांच दल में डॉ. रानु वर्मा, डॉ. रंजीत राठौर, डॉ. राजेश मीणा एवं डॉ. परिहार शामिल थे। शनिवार को यह दल मुलताई तहसीलदार डॉ. संजय कुमार बारैया, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम तथा पुलिस बल के साथ अनमोल हॉस्पिटल पहुंचा। जांच दल ने शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की बारीकी से जांच की तथा अस्पताल में मौजूद कुछ संबंधित उपकरणों और दस्तावेजों को भी जब्त किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जांच प्रक्रिया करीब चार घंटे तक चली, जिसमें अस्पताल के रिकॉर्ड, उपचार संबंधी दस्तावेज, उपलब्ध चिकित्सीय सुविधाएं, उपकरण तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया गया। जांच दल ने अस्पताल प्रबंधन से कई बिंदुओं पर जानकारी भी प्राप्त की।
अमरदीप सिंह की मौत के बाद उठा था मामला,
उल्लेखनीय है कि 27 मई को नगर के युवा व्यापारी अमरदीप सिंह की अनमोल हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नगर के सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल की कार्यप्रणाली और उपचार प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया था, जिसके बाद जांच दल का गठन किया गया।

एक वर्ष पूर्व मोहित पाल की मौत भी बनी थी चर्चा का विषय,
अमरदीप सिंह प्रकरण से पहले भी अनमोल हॉस्पिटल विवादों में रहा है। लगभग एक वर्ष पूर्व युवा व्यापारी मोहित पाल की भी उपचार के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल से उपचार लेकर लौटने के बाद मोहित ने दवा ली और सो गया, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। इन दोनों मामलों को लेकर नगर के युवाओं और सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया तथा प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की थी।

पूर्व में भी कई मामलों को लेकर हुई थीं शिकायतें,
अनमोल हॉस्पिटल के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इनमें बालक विक्रम राठौर के उपचार के दौरान गंभीर जटिलताएं उत्पन्न होने और बाद में उसका पैर काटने की नौबत आने का मामला प्रमुख रहा है। उस समय अस्पताल पर गलत उपचार के आरोप लगे थे, जिसकी जांच तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. ए.के. तिवारी ने की थी। इसके अलावा आशा अतुलकर की गैंग्रीन के बाद हुई मृत्यु, एक महिला के टाइफाइड उपचार को लेकर लगाए गए आरोप तथा ताप्ती वार्ड निवासी एक महिला को इंजेक्शन लगाने के बाद संक्रमण होने और कमर में गंभीर घाव बनने जैसी शिकायतें भी अस्पताल के खिलाफ सामने आई थीं। हालांकि इन मामलों में जांच तो हुई, लेकिन शिकायतकर्ताओं के अनुसार कोई ठोस निष्कर्ष या कार्रवाई सामने नहीं आ सकी।

अस्पताल संचालक ने प्रदर्शनकारियों पर लगाए आरोप,
इधर अनमोल हॉस्पिटल के संचालक ने विरोध प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों के खिलाफ थाना मुलताई में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल पहुंचकर अभद्र व्यवहार किया तथा क्लीनिक बंद कराने का प्रयास किया। वहीं प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि जांच की मांग से घबराकर अस्पताल प्रबंधन उन्हें धमकाने का प्रयास कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने भी इस संबंध में पुलिस से शिकायत करने की बात कही है।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई,
जांच दल द्वारा तैयार किया गया प्रतिवेदन सीएमएचओ को सौंपा जाएगा। जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। नगरवासियों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और उसके परिणामों पर टिकी हुई हैं।

इनका कहना है
“सीएमएचओ द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच दल गठित किया गया था। हमने अनमोल हॉस्पिटल पहुंचकर सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की है। कुछ संबंधित उपकरण एवं दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। जांच प्रतिवेदन सीएमएचओ को सौंपा जाएगा। क्या-क्या जब्त किया गया है और आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी जानकारी सीएमएचओ ही दे सकेंगे।”— डॉ. रानु वर्मा, जांच अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य विभाग बैतूल
“अस्पताल संचालक की ओर से थाना मुलताई में एक आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। यदि दूसरा पक्ष भी शिकायत करता है तो उसकी भी जांच की जाएगी। प्राप्त तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।” — नरेंद्र सिंह परिहार, थाना प्रभारी, मुलताई

