पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे सहित लाखों श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ, तीन दशक से अधिक समय से ताप्ती सेवा मंडल निभा रहा सेवा और संरक्षण का दायित्व,
मुलताई। ताप्ती जन्मोत्सव के पावन अवसर पर ताप्ती सेवा समिति मंडल द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आरती घाट पर मां ताप्ती की भव्य महाआरती का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ किया गया। महाआरती में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे सहित लाखों श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगरवासियों ने सहभागिता कर मां ताप्ती का पूजन-अर्चन किया तथा धार्मिक मान्यता के अनुसार पुण्य लाभ प्राप्त किया।
वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पंडित संतोष शर्मा एवं पंडित सूरज दुबे, दिनेश चंद शर्मा, पुष्कर देशमुख, मुलमुले महाराज ने मां ताप्ती की महाआरती संपन्न कराई। आरती के दौरान पूरा ताप्ती तट “जय मां ताप्ती” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने दीप, पुष्प एवं आरती की थालियों के साथ मां ताप्ती की आराधना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
तीन दशक से अधिक समय से सेवा और संरक्षण में जुटा ताप्ती सेवा मंडल,
ताप्ती सेवा मंडल मां ताप्ती के संरक्षण, विकास एवं धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा नगर का सबसे प्राचीन सेवा संगठन माना जाता है। पिछले तीन दशकों से अधिक समय से मंडल ताप्ती नदी के संरक्षण, धार्मिक परंपराओं के संवर्धन तथा जनजागरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। मंडल की विशेषता यह है कि मां ताप्ती की सेवा के लिए समर्पित नगर का कोई भी व्यक्ति इससे जुड़कर सेवा कार्यों में भागीदारी निभा सकता है।

मंडल से जुड़े अनेक वरिष्ठ सदस्य आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके योगदान को नगरवासी आज भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं। ताप्ती गहरीकरण, ताप्ती तट स्थित प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार, मां ताप्ती मंदिर का पुनर्निर्माण, ताप्ती गेट का निर्माण, बारादरी एवं घाटों का विकास तथा मां ताप्ती कथा के शुभारंभ जैसे अनेक ऐतिहासिक कार्यों में ताप्ती सेवा मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

84 सदस्यों ने रखी थी दैनिक आरती की नींव,
ताप्ती सेवा समिति (मंडल) वर्तमान में एक पंजीकृत संस्था है, जिसमें जय किशन चंदेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग तीन दशक पूर्व स्वर्गीय डॉ. अशोक भार्गव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में 84 सदस्यों ने गंगा आरती की तर्ज पर प्रतिदिन मां ताप्ती की आरती प्रारंभ करने का संकल्प लिया था।

दैनिक आरती का शुभारंभ दिनेश चंद शर्मा ने किया, जबकि हनुमान प्रसाद दुबे ने वर्षों तक इसकी निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी क्रम में ताप्ती जन्मोत्सव पर वर्ष में एक बार 108 थालों से महाआरती आयोजित करने की परंपरा भी प्रारंभ की गई, जिसमें नगर का प्रत्येक श्रद्धालु अपनी आरती की थाली लेकर शामिल हो सकता है।
निरंतरता ही बनी महाआरती की सबसे बड़ी पहचान,
आरती घाट पर प्रतिदिन होने वाली मां ताप्ती की आरती की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निरंतरता है। लंबे समय के दौरान अनेक चुनौतियां और परिस्थितियां सामने आईं, लेकिन आरती का क्रम कभी नहीं टूटा। यही कारण है कि आज ताप्ती जन्मोत्सव की महाआरती नगर के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल हो चुकी है।

इनकी रही विशेष उपस्थिति,
महाआरती में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे, संजय यादव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण यादव, जय किशन चंदेल, किशोर सिंह परिहार, सुमित शिवहरे, लोकेश यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मां ताप्ती की आरती में सहभागिता कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और समृद्ध भविष्य की कामना की।

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