लगातार बारिश से मुलताई क्षेत्र जलमग्न, सिंचाई परियोजनाओं में बढ़ी जल आवक,

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मुलताई। मुलताई क्षेत्र में बीते 36 घंटे से लगातार हो रही वर्षा ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की चार मध्यम एवं लगभग 90 लघु सिंचाई परियोजनाओं में तेजी से जल आवक हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि ताप्ती सरोवर में भी आसपास के जल स्रोतों से पानी की आवक शुरू हो गई है। दूसरी ओर, नगर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या फिर से गहरा गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के चलते कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक औसत वर्षा अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई है, लेकिन पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने मानसून की कमी काफी हद तक पूरी कर दी है। अच्छी वर्षा के संकेत मिलने से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है और खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद भी बढ़ गई है।

लगातार बारिश के कारण निकटवर्ती ग्राम राय आमला में सड़क किनारे स्थित एक शासकीय कुआं धंस गया। कुआं पूरी तरह पानी से लबालब भरा हुआ है, जिससे मार्ग से आवागमन करने वाले ग्रामीणों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग से बच्चे प्रतिदिन स्कूल आते-जाते हैं। फिलहाल लोगों ने झाड़ियां डालकर अस्थायी रूप से रास्ते को सुरक्षित करने का प्रयास किया है तथा सरपंच एवं सचिव को सूचना देकर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था और मरम्मत की मांग की है।

लगातार बारिश के कारण मुलताई नगर के पटेल वार्ड और ताप्ती वार्ड में जलभराव की समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। कई घरों और गलियों में पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। नगर युवक कांग्रेस अध्यक्ष लोकेश यादव ने बताया कि पिछले एक दशक से प्रत्येक वर्ष बारिश शुरू होते ही ताप्ती वार्ड एवं संतरा मंडी क्षेत्र के रहवासी जलभराव की समस्या से जूझते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कों को पहले पाइपलाइन और बाद में सीवर लाइन के लिए बार-बार खोद दिया गया, जिससे पूरी सड़क व्यवस्था खराब हो गई। वर्षों से जनप्रतिनिधि और अधिकारी निरीक्षण कर आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।

लगातार वर्षा के चलते जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। क्षेत्र की चार प्रमुख मध्यम सिंचाई परियोजनाएं—पारसढ़ोह, चंदोरा, वर्धा और बुंडाला—सहित लगभग 105 सिंचाई संरचनाओं में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार— पारसढ़ोह बांध लगभग 39 प्रतिशत भर चुका है। चंदोरा बांध में 34 से 35 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। वर्धा बांध में अब तक लगभग 9 प्रतिशत जलस्तर की वृद्धि हुई है। अन्य लघु सिंचाई परियोजनाओं में भी लगातार पानी पहुंच रहा है और विभाग सभी बांधों एवं संरचनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है।

लगातार बारिश से ताप्ती, वर्धा, छोटा तवा और चूड़ामणि सहित क्षेत्र की प्रमुख नदियां पूरे वेग से बह रही हैं। अधिकांश छोटे-बड़े नाले उफान पर हैं तथा ग्रामीण मार्गों के कई रपटों पर पानी बहने लगा है। हेटी क्षेत्र के पास दहाड़ नदी का रपटा भी ओवरफ्लो हो गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नालों और रपटों को पार करने का जोखिम न उठाएं तथा बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। इधर, मुलताई स्थित ताप्ती सरोवर में भी आसपास के जल स्रोतों से लगातार पानी पहुंच रहा है।

जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यदि वर्षा का क्रम जारी रहा तो आने वाले दिनों में सरोवर के ओवरफ्लो होने की संभावना है। किसानों के लिए राहत, फसलों को मिलेगा लाभ, बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने लगी है, जिससे सोयाबीन, मक्का सहित खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। तालाबों, कुओं और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर बढ़ने से भविष्य में पेयजल संकट की संभावना भी कम होगी।

“पिछले दो दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण क्षेत्र की सभी छोटी-बड़ी सिंचाई परियोजनाओं और जल संरचनाओं में तेजी से जल आवक बढ़ रही है। जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी बांधों एवं संरचनाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। बीती रात भी पारसढ़ोह और चंदोरा बांध में जल आवक जारी रही तथा जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।”
— शिवकुमार नागले
एसडीओ, जल संसाधन विभाग, मुलताई

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