असलम अहमद
लाखो श्रद्धालुओं ने किए मां ताप्ती के दर्शन, 108 मीटर लंबी चुनरी अर्पित; नगर बना धर्ममय, जगह-जगह भंडारे और कड़े सुरक्षा इंतजाम,
मुलताई। मां ताप्ती के पावन जन्मोत्सव पर सोमवार को पवित्र नगरी मुलताई स्थित ताप्ती तट श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर हो उठा। अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का ताप्ती तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। दिनभर दर्शन, पूजन, दुग्धाभिषेक, चुनरी अर्पण, शोभायात्रा, भंडारे और धार्मिक आयोजनों का क्रम चलता रहा। लाखो श्रद्धालुओं ने मां ताप्ती के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा पवित्र ताप्ती कुंड में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
सुबह 5 बजे से जन्मोत्सव के मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ विशेष पूजा-अर्चना एवं दुग्धाभिषेक के साथ हुआ। श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली और श्रद्धा-सुमन लिए “जय मां ताप्ती” के जयघोष के साथ ताप्ती परिक्रमा क्षेत्र पहुंचे। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देर रात तक दर्शन के लिए लगी रहीं।

51 साड़ियों से बनी 108 मीटर लंबी चुनरी मां ताप्ती को अर्पित,
ताप्ती सेवा मंडल द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 51 साड़ियों से तैयार 108 मीटर लंबी भव्य चुनरी मां ताप्ती को अर्पित की गई। मंडल के श्रद्धालुओं ने चुनरी की भव्य शोभायात्रा निकाली, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई ताप्ती मंदिर पहुंची। मां ताप्ती की शोभा यात्रा में 15 से अधिक झांकियां एवं 15 से अधिक डीजे शामिल थे। मंदिर के मुख्य द्वार पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर चुनरी मां ताप्ती को समर्पित की गई।

देवी जागरण और शोभायात्रा रहे आकर्षण का केंद्र,
ताप्ती प्रथम पुलिया के समीप ढाबा यूनियन द्वारा भव्य देवी जागरण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जबलपुर की प्रसिद्ध भजन गायिका पूजा गुलहानी ने अपने मधुर भजनों की शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद निकाली गई भव्य शोभायात्रा में 18 फीट ऊंची महाबली हनुमान जी की प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में शामिल राजस्थानी लोक नृत्य मंडली तथा ग्राम डिवटिया से आए आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

150 से अधिक स्थानों पर लगे भंडारे,
ताप्ती जन्मोत्सव के अवसर पर संपूर्ण मुलताई नगर धर्ममय वातावरण में रंगा नजर आया। मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं फूलों से सजाया गया। नगर के नागपुर रोड, बैतूल रोड, मासौद रोड, बोरदेही रोड सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर 150 से अधिक भंडारे एवं प्रसादी वितरण केंद्र लगाए गए। वहीं ताप्ती परिक्रमा क्षेत्र में ही 50 से अधिक भंडारे संचालित हुए, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

महाआरती और कन्या पूजन में उमड़ी श्रद्धा,
जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर आयोजित मां ताप्ती की भव्य महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर मां ताप्ती का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक परंपरा के अनुसार कन्या पूजन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, पैदल श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था,
ताप्ती जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन एवं पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। ताप्ती मंदिर के प्रवेश द्वार सहित पूरे परिक्रमा क्षेत्र में पुलिस एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित एवं चरणबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही। परिक्रमा मार्ग पर दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
केवल पैदल श्रद्धालुओं को ही इस मार्ग से आने-जाने की अनुमति दी गई। नगर के विभिन्न स्थानों पर पार्किंग जोन बनाए गए, जहां श्रद्धालुओं ने अपने वाहन खड़े कर पैदल मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। मां ताप्ती जन्मोत्सव के दौरान पूरे दिन आस्था, भक्ति और धार्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। ताप्ती तट पर उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि मुलताई केवल ताप्ती नदी का उद्गम स्थल ही नहीं, बल्कि सनातन आस्था का एक प्रमुख तीर्थ भी है।



