नगरकोट के खसरा नंबर 324 पर कचरा खंती निर्माण रोकने की मांग, पर्यावरण, पेयजल स्रोत और धार्मिक आस्था पर खतरे का जताया अंदेशा,
मुलताई। नगर पालिका द्वारा ग्राम नगरकोट के खसरा नंबर 324 में प्रस्तावित कचरा खंती (डंपिंग ग्राउंड) के निर्माण का आसपास के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग कांग्रेस जिला अध्यक्ष तकी उल हसन रिजवी एवं पूर्व जनपद सदस्य राजकुमार उईके के नेतृत्व में ग्राम उभारिया, आमाड़ोह, नगरकोट, सेमझिरा, मोही सहित अन्य गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित कचरा खंती निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि खसरा नंबर 324 चार गांवों—आमाड़ोह, सेमझिरा, पाठाखेड़ा और नगरकोट—की सीमा पर स्थित है। यह क्षेत्र ऊंचाई पर होने के कारण इसके नीचे से स्थानीय तवा नदी लगभग दस माह तक प्रवाहित होती है, जो आगे चलकर श्रवण तीर्थ के पास ताप्ती नदी में मिलती है। ताप्ती नदी पर बने पांच सिंचाई बांधों के पानी का उपयोग सिंचाई के साथ-साथ पेयजल योजनाओं में भी किया जाता है। ऐसे में यहां कचरा डंपिंग ग्राउंड बनने से जल स्रोतों के प्रदूषित होने का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल चारागाह भूमि के रूप में उपयोग में है, जिससे पशुपालन प्रभावित होगा। साथ ही कचरे में आग लगने की स्थिति में आसपास के किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहेगी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उक्त क्षेत्र में धार्मिक स्थल स्थित है, जहां आसपास के गांवों के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।

इसके अलावा क्षेत्र में मोर, नीलगाय, हिरण सहित कई वन्यजीवों का निवास है, जिन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिला कलेक्टर, पर्यावरण विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से भी की है तथा प्रस्तावित कचरा खंती निर्माण का स्थान बदलने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सरपंच सुखदेव सोलंकी, जुगरू सीरश्याम, पवन सिसोदिया, सरपंच नामदेव पटाहे, अशोक डंवढे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।





