, शनि सरोवर के वेस्टवेयर से लगातार बह रही जलधारा, बारिश थमने के बाद भी पानी की आवक का सिलसिला जारी, नवनिर्मित स्लूस गेट के रिसाव पर उठे सवाल; नगरपालिका ने रिसाव से किया इनकार,
मुलताई। पवित्र नगरी मुलताई में वर्षा ऋतु समाप्त होने के साथ ही ताप्ती एवं शनि सरोवर में जल मार्गों के माध्यम से पानी की आवक लगभग बंद हो गई है। इसके बावजूद शनि सरोवर के वेस्टवेयर से लगातार जलधारा बहने और ताप्ती सरोवर का जलस्तर निरंतर घटने की स्थिति ने नगरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। जल संरक्षण से जुड़े जानकारों का मानना है कि जब दोनों सरोवरों में बाहरी जल आवक बंद हो चुकी है, ऐसे में शनि सरोवर के वेस्टवेयर से लगातार पानी का बहना जांच का विषय है। जानकारों के अनुसार, ताप्ती एवं शनि सरोवर के बीच हाल ही में नगर पालिका द्वारा करीब 17 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित स्लूस गेट से पानी के संभावित रिसाव की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि नगरपालिका के अधिकारियों ने नवनिर्मित स्लूस गेट से पानी के रिसाव की संभावना से इनकार किया है। इसके बावजूद ताप्ती सरोवर के जलस्तर में लगातार कमी और शनि सरोवर के वेस्टवेयर से जारी जलधारा को देखते हुए पूरे जल तंत्र की तकनीकी जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
घटते जलस्तर से भविष्य में खड़ा हो सकता है जल संकट,
नगरवासियों का कहना है कि आगामी समय में बारिश की संभावना काफी कम है। ऐसे में यदि ताप्ती सरोवर का जलस्तर इसी गति से घटता रहा तो आने वाले समय में इसका असर नगर के जलस्रोतों पर भी पड़ सकता है। इसलिए यह पता लगाया जाना जरूरी है कि शनि सरोवर के वेस्टवेयर से लगातार पानी कहां से आ रहा है और ताप्ती सरोवर का जलस्तर कम होने का वास्तविक कारण क्या है।
ताप्ती एवं शनि सरोवर केवल मुलताईवासियों की आस्था के प्रमुख केंद्र ही नहीं, बल्कि नगर क्षेत्र के जलस्रोतों के आधार के रूप में भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। बताया जाता है कि इन दोनों सरोवरों के जलस्तर में कमी आने के साथ ही आसपास के करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र में स्थित जलस्रोतों के जलस्तर पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि ताप्ती और शनि सरोवर के जलस्तर को लेकर नगरवासियों में विशेष चिंता बनी हुई है।

जलस्रोतों की सुरक्षा के लिए जांच जरूरी,
फिलहाल शनि सरोवर के वेस्टवेयर से लगातार बह रही जलधारा और ताप्ती सरोवर के घटते जलस्तर को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए जल प्रवाह की तकनीकी जांच जरूरी मानी जा रही है। यदि पानी का बहाव किसी पुराने गेट अथवा अन्य संरचना से हो रहा है तो समय रहते उसकी मरम्मत कर पानी की अनावश्यक निकासी को रोका जाना आवश्यक होगा। इससे ताप्ती एवं शनि सरोवर के जल संरक्षण के साथ-साथ आसपास के जलस्रोतों को भी सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।

नगरपालिका ने नवनिर्मित स्लूस गेट से रिसाव से किया इनकार,
इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि उन्हें सुबह जानकारी मिली थी कि ताप्ती सरोवर पर नवनिर्मित स्लूस गेट से पानी का रिसाव हो रहा है। सूचना मिलने के बाद तत्काल नगरपालिका की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई गई। उन्होंने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ कि नवनिर्मित स्लूस गेट से पानी का रिसाव नहीं हो रहा है। उनके अनुसार, शनि सरोवर के वेस्टवेयर पर बने पुराने गेट से पानी का रिसाव हो रहा है। नगरपालिका द्वारा इस पुराने स्लूस गेट के निर्माण/मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। सीएमओ ने यह भी कहा कि फिलहाल नगरपालिका इस प्रयास में जुटी है कि पुराने गेट से हो रहे पानी के रिसाव को किस प्रकार रोका जा सके।
वीरेंद्र तिवारी ,
मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुलताई

