35 प्राचीन मंदिरों सहित ताप्ती उद्गम क्षेत्र का राजस्व अभिलेखों में दर्जीकरण पूर्ण, शासकीय ट्रस्ट गठन से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
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मुलताई। पवित्र नगरी मुलताई के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद ने कलेक्टर बैतूल को पत्र प्रेषित कर ताप्ती ट्रस्ट के गठन की मांग की है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्ष 2009 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा राजपत्र के माध्यम से मुलताई को पवित्र नगरी घोषित किए जाने के बावजूद अब तक ताप्ती ट्रस्ट का गठन नहीं हो सका है,
जिससे ताप्ती उद्गम क्षेत्र के समग्र विकास और धार्मिक स्थलों के सुव्यवस्थित प्रबंधन में बाधा उत्पन्न हो रही है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि श्री क्षेत्र ताप्ती उद्गम स्थल स्थित प्राचीन मंदिरों का चिन्हांकन राजस्व विभाग और नगरपालिका परिषद द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इसके बाद राजस्व विभाग ने आवश्यक आदेश जारी कर इन मंदिरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार मां ताप्ती मंदिर सहित कुल 35 प्राचीन मंदिरों को राजस्व रिकॉर्ड में शामिल किया जा चुका है। इसके अलावा मां ताप्ती उद्गम सरोवर, विभिन्न कुंडों तथा ताप्ती नदी के प्रवाह क्षेत्र का भी सीमांकन कर उन्हें विधिवत अभिलेखों में दर्ज किया गया है।

कलेक्टर के नाम दर्ज हैं धार्मिक संपत्तियां,
नगरपालिका परिषद ने अपने पत्र में बताया है कि वर्तमान में इन धार्मिक स्थलों और उनसे संबंधित संपत्तियों का स्वामित्व सर्वराकार के रूप में कलेक्टर बैतूल के नाम दर्ज है। ऐसे में मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत एक शासकीय ट्रस्ट का गठन किया जाना आवश्यक है, ताकि इन धार्मिक स्थलों का संरक्षण, प्रबंधन और विकास व्यवस्थित रूप से किया जा सके। पत्र में सुझाव दिया गया है कि “मां ताप्ती मंदिर समिति” के नाम से ट्रस्ट का गठन कर संपूर्ण ताप्ती तीर्थ क्षेत्र के संरक्षण और विकास के लिए योजनाबद्ध कार्य किए जाएं।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा,
नगरपालिका का मानना है कि ताप्ती ट्रस्ट के गठन से ताप्ती उद्गम क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। मंदिरों और उनसे जुड़ी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा सकेगा। साथ ही क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप दीर्घकालीन विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी।
नगरपालिका परिषद द्वारा कलेक्टर को भेजे गए प्रस्ताव के साथ वर्ष 2009 के राजपत्र की प्रति, प्राचीन मंदिरों की सूची, संबंधित खसरा प्रतियां तथा ताप्ती नदी के सीमांकन संबंधी प्रतिवेदन भी संलग्न किए गए हैं। परिषद ने इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करते हुए ताप्ती ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ करने का आग्रह किया है। उल्लेखनीय है कि ताप्ती उद्गम स्थल देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

लंबे समय से यहां एक संगठित ट्रस्ट के गठन की मांग उठती रही है, ताकि क्षेत्र की धार्मिक विरासत का संरक्षण करते हुए इसे एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
इनका कहना
नगर पालिका परिषद ने ताप्ती परिक्रमा क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को एकीकृत कर शासकीय ताप्ती ट्रस्ट गठन के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा है। इन प्रयासों की सफल होने के बाद परिक्रमा क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों के संरक्षण, विकास और बेहतर प्रबंधन के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही क्षेत्र की धार्मिक पहचान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
वीरेंद्र तिवारी नगर पालिका अधिकारी मुलताई


