महिला जनप्रतिनिधियों ने किया निरीक्षण,निर्माण स्थल पर नहीं मिला कोई जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी, पार्षदों ने जताई नाराजगी
मुलताई। नगर पालिका द्वारा ताप्ती सरोवर में कराए जा रहे स्लूस गेट निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा कार्य में हो रही कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों तथा मानसून से पहले निर्माण कार्य पूरा नहीं होने की आशंकाओं के बीच नगर पालिका की सभापति निर्मला उबनारे एवं पार्षद अंजलि शिवहरे ने निर्माण स्थल पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान तकनीकी निगरानी के लिए नगर पालिका का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अथवा कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिस पर दोनों पार्षदों ने नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के बाद महिला जनप्रतिनिधियों ने बताया कि नगर पालिका अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्लूइस गेट निर्माण की निर्धारित समयावधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि निर्माण कार्य के दौरान तेज बारिश होती है और ताप्ती सरोवर में पानी की आवक बढ़ती है, तो पानी के बहाव के कारण सरोवर के खाली होने का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

तकनीकी निगरानी के अभाव में गुणवत्ता पर भी उठ रहे प्रश्न,
नगर पालिका सभापति निर्मला उबनारे ने कहा कि स्लूइस गेट निर्माण जैसा महत्वपूर्ण कार्य होने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है और तकनीकी निगरानी में भी लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्षद अंजलि शिवहरे ने कहा कि अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।

वर्तमान गति को देखते हुए निकट भविष्य में भी इसके पूर्ण होने की संभावना कम दिखाई दे रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्य के दौरान बारिश होती है, तो सरोवर में पानी रोकने के लिए नगर पालिका द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में ताप्ती सरोवर के खाली होने का खतरा मंडराने लगा है।

भविष्य में नुकसान हुआ तो अधिकारी होंगे जिम्मेदार : कांग्रेस पार्षद,
कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण भविष्य में ताप्ती सरोवर को नुकसान पहुंचता है अथवा सरोवर खाली होने जैसी स्थिति निर्मित होती है, तो इसके लिए नगर पालिका के संबंधित अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।



