भिलाई गांव में दर्जनों किसानों के खेतों में फसल जमीन पर गिरी, आसपास के गांवों में भी नुकसान की सूचना; एसडीएम ने पटवारियों को सर्वे के निर्देश दिए
मुलताई। मुलताई क्षेत्र में गुरुवार रात अचानक बदले मौसम के बीच हुई तेज बारिश और हवाओं ने खेतों में खड़ी मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया है। ग्राम भिलाई में तेज हवाओं के कारण दर्जनों किसानों के खेतों में खड़ी मक्का की फसल आड़ी होकर जमीन पर गिर गई। वहीं, क्षेत्र के आसपास के अन्य गांवों से भी मक्का की फसल गिरने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। फसल के इस तरह जमीन पर गिर जाने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने के साथ-साथ दाने की गुणवत्ता खराब होने की चिंता सताने लगी है।
गुरुवार रात अचानक मौसम में बदलाव हुआ और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ समय तक चली तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसल कई स्थानों पर बुरी तरह झुक गई।
कई खेतों में पौधे पूरी तरह जमीन से सट गए हैं। किसानों के अनुसार फसल इस समय अच्छी स्थिति में थी और बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन अचानक आई तेज हवा से फसल को नुकसान पहुंच गया। ग्राम भिलाई के किसान भाऊराव, हरिराम और अनिल ने बताया कि रात में चली तेज हवाओं के कारण उनके खेतों में खड़ी मक्का की फसल आड़ी हो गई। कई स्थानों पर बड़ी संख्या में पौधे जमीन पर गिर गए हैं। किसानों का कहना है कि फसल यदि समय रहते दोबारा सीधी नहीं हुई तो इसका सीधा असर मक्का के दाने के विकास और उत्पादन पर पड़ सकता है।
दाने की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका,
किसानों ने बताया कि मक्का की फसल जमीन पर गिरने के बाद उसकी आगे की स्थिति मौसम और पौधों के दोबारा खड़े होने पर निर्भर करेगी। यदि पौधे लंबे समय तक जमीन पर पड़े रहे तो फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही उत्पादन में भी कमी आ सकती है। किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल तैयार करने में बीज, खाद, दवाइयों और सिंचाई सहित काफी खर्च किया है। ऐसे में फसल के नुकसान से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का जल्द निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन कराने की मांग की है।
एसडीएम ने दिए फसल सर्वे के निर्देश,
फसल नुकसान की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद एसडीएम राजीव कहार ने संबंधित पटवारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर खेतों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। पटवारी प्रभावित खेतों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और फसल की स्थिति तथा नुकसान का आकलन करेंगे। प्रशासनिक सर्वे के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने क्षेत्र में मक्का की फसल प्रभावित हुई है और किसानों को कितना नुकसान हुआ है। क्षेत्र के अन्य गांवों में भी यदि फसल नुकसान की सूचना मिलती है तो वहां भी निरीक्षण किए जाने की संभावना है।

सर्वे का इंतजार कर रहे किसान,
तेज बारिश और हवा के कारण मक्का की फसल के आड़ी होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि फसल नुकसान का वास्तविक आकलन खेतों का निरीक्षण करने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल किसान प्रशासन की टीम के सर्वे का इंतजार कर रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि पटवारी स्तर पर होने वाले सर्वे में प्रभावित खेतों की वास्तविक स्थिति दर्ज की जाएगी, जिससे नुकसान का सही आकलन हो सके। क्षेत्र में मौसम की स्थिति को देखते हुए किसान अब शेष फसल को लेकर भी सतर्क हैं।


