मुलताई अधिवक्ता संघ ने कलेक्टर से की शिकायत, तहसील और एसडीएम कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल,
मुलताई। राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर उठते रहे सवालों के बीच अब मुलताई में अधिवक्ताओं का विरोध खुलकर सामने आया है। मंगलवार को मुलताई अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं ने बैतूल पहुंचकर जिला कलेक्टर से मुलाकात की और मुलताई एवं आमला तहसीलदार कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
अधिवक्ताओं ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि तहसीलदार कार्यालय में अधिवक्ताओं के साथ अपेक्षित व्यवहार नहीं किया जाता। उनका कहना है कि राजस्व प्रकरणों से संबंधित नकल एवं आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिवक्ताओं और पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा प्रकरणों की सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा रखी जाने वाली बातों को भी अपेक्षित तवज्जो नहीं मिलने का आरोप लगाया गया।

तहसील और एसडीएम कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल
अधिवक्ताओं ने केवल तहसीलदार कार्यालय ही नहीं, बल्कि एसडीएम कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी आपत्तियां कलेक्टर के समक्ष रखीं। ज्ञापन में कार्यालयों में कार्यों के संचालन को लेकर विभिन्न शिकायतों का उल्लेख करते हुए प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग की गई।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील एवं एसडीएम कार्यालय में बाहरी लोगों की सक्रियता दिखाई देती है और उनके माध्यम से काम करवाए जाने संबंधी शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। इसी संदर्भ में एक अधिवक्ता द्वारा कथित तौर पर कलेक्टर के समक्ष “साहब, खुली दलाली चल रही है” जैसी तीखी टिप्पणी किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग
अधिवक्ताओं ने राजस्व कार्यालयों की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार किए जाने, अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने तथा कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

मुलताई अधिवक्ता संघ द्वारा कलेक्टर के समक्ष शिकायत किए जाने के बाद अब प्रशासन इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है और अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच अथवा निराकरण के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर बनी हुई है। संबंधित तहसीलदार एवं एसडीएम कार्यालय की ओर से मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

