भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकली,

0

मुलताई। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पवित्र नगरी मुलताई में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई। ताप्ती तट स्थित जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के साथ सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। रथयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से भगवान के रथ को खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। वहीं अनेक श्रद्धालुओं ने पारंपरिक मान्यता के अनुसार रथ के नीचे से निकलकर सुख-समृद्धि, मंगल और असीम पुण्य की कामना की।

रथयात्रा प्रारंभ होने से पूर्व जगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना एवं महाआरती की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और जय जगन्नाथ के उद्घोष के बीच श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सियां थामकर यात्रा का शुभारंभ किया। पूरे मार्ग में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

रथयात्रा ताप्ती तट स्थित जगदीश मंदिर से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक, फव्वारा चौक, गांधी चौक एवं थाना रोड होते हुए पुनः जगदीश मंदिर पहुँची। यात्रा मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा श्रद्धालुओं द्वारा भगवान जगन्नाथ का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। संपूर्ण नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। रथयात्रा के मंदिर लौटने पर विधि-विधान के साथ समापन पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारा एवं प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजन से जुड़े मोनू खंडेलवाल ने बताया कि पुरी की विश्वविख्यात श्री जगन्नाथ रथयात्रा की तर्ज पर मुलताई में जगदीश मंदिर खंडेलवाल समाज ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्ष इस भव्य आयोजन का आयोजन किया जाता है। ट्रस्ट के अध्यक्ष बृजकिशोर खंडेलवाल के नेतृत्व तथा समाज के सहयोग से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान स्वरूप में पिछले लगभग 15 वर्षों से जगदीश मंदिर से लगातार रथयात्रा निकाली जा रही है। हालांकि मुलताई में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की परंपरा इससे भी कहीं अधिक प्राचीन मानी जाती है। बीच के कुछ वर्षों में यह परंपरा बाधित रही, लेकिन पिछले डेढ़ दशक से इसका आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है।

मोनू खंडेलवाल ने बताया कि समय के साथ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का स्वरूप लगातार भव्य होता जा रहा है। अब इस आयोजन में केवल खंडेलवाल समाज ही नहीं, बल्कि नगर के सभी समाजों एवं वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर सहभागिता निभा रहे हैं। श्रद्धालु पूरे वर्ष इस पावन रथयात्रा की प्रतीक्षा करते हैं और अपनी श्रद्धा एवं सामर्थ्य के अनुसार भगवान जगन्नाथ की सेवा एवं स्वागत की तैयारियों में जुट जाते हैं। रथयात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here