एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग,सिपावा गांव में कुएं में मिला था युवती का शव, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका; दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मुलताई। मुलताई थाना क्षेत्र के ग्राम सिपावा में 20 वर्षीय युवती मुस्कान सरोदे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सामने आया है। मामले में मृतका के पिता राजू सरोदे ने शनिवार को बैतूल पुलिस अधीक्षक के नाम एसडीओपी एसके सिंह को आवेदन सौंपकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
तका के पिता राजू सरोदे ने आशंका व्यक्त की है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य घटना नहीं हो सकती। उन्होंने पुलिस से मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाने तथा यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

27 जुलाई की शाम घर से लापता हुई थी मुस्कान,
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, 27 जुलाई की शाम करीब 6 बजे मुस्कान की मां उसके कमरे में गईं तो वह वहां मौजूद नहीं थी। इसके बाद परिजनों ने आसपास उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और ग्रामीणों को भी सूचना दी गई। रातभर खेतों सहित आसपास के संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन मुस्कान का कोई पता नहीं चला। अगले दिन 28 जुलाई को परिजनों ने दुनावा चौकी पुलिस को मुस्कान के लापता होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस और परिजनों द्वारा उसकी तलाश जारी रखी गई।

29 जुलाई को खेत के कुएं में मिला शव,
29 जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे मुस्कान के चाचा रामराव सरोदे खेत में मवेशी चराने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत स्थित कुएं पर पड़ी, जहां पानी में मुस्कान का शव दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कुएं से बाहर निकलवाया और आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद उसी शाम करीब 7 बजे परिजनों ने मुस्कान का अंतिम संस्कार कर दिया।
ग्रामीणों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया,
मामले में ग्रामीण सरपंच रूपसिंग धुर्वे, जितेंद्र बुवाड़े, प्रहलाद सरोदे, रोमेश पवार, गणपति सरोदे, हेमंत सरोदे तथा जनपद सदस्य सुनील कालेलकर सहित अन्य लोगों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतका के पिता राजू सरोदे ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मुस्कान की मौत से जुड़े सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जाए, घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा किया जाए और जांच में यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।



