संजय द्विवेदी
वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा को जोड़ने की पहल, बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मोहा मन
बैतूल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के समाज सेवा प्रभाग द्वारा संचालित संगम प्रोजेक्ट का जिला स्तरीय शुभारंभ एवं छह दिवसीय आवासीय समर कैंप का समापन समारोह स्थानीय सेवाकेंद्र में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठजनों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का तिरंगा पटका एवं बैज लगाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर मकसूद अहमद, थाना प्रभारी अंजना घुर्वे, जिला पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुंदरलाल कड़वे, जिला सीएससी प्रबंधक कमलेश रघुवंशी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सेवाकेंद्र प्रभारी बीके मंजू ने संगम प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल वर्तमान पीढ़ी और वरिष्ठजनों के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि आज समाज को युवाओं की ऊर्जा और वरिष्ठजनों के अनुभव दोनों की आवश्यकता है। यह प्रोजेक्ट दोनों पीढ़ियों को जोड़कर संस्कार, अनुभव और जीवन मूल्यों के आदान-प्रदान का माध्यम बनेगा, जिससे परिवार और समाज अधिक सशक्त एवं समरस बन सकेंगे। मुख्य अतिथि मकसूद अहमद ने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को सही दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने संगम प्रोजेक्ट को सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों तथा पीढ़ियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने वाली सराहनीय पहल बताया।

कार्यक्रम के दौरान छह दिवसीय आवासीय समर कैंप का भी समापन किया गया। कैंप में बच्चों को नैतिक मूल्य, व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच, राजयोग मेडिटेशन, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर बच्चों ने गीत, नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं मूल्य आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया, जिन्होंने बच्चों के प्रयासों की सराहना की। अतिथियों ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए ऐसे संस्कारमूलक आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।



