जनसुनवाई में शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन, तहसीलदार व थाना प्रभारी की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
मुलताई। नगर के व्यस्ततम क्षेत्र फव्वारा चौक पर मुख्य मार्ग से लगी नगर पालिका सड़क की भूमि पर किए जा रहे निर्माण कार्य को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। जनसुनवाई में शिकायत सामने आने के बाद तहसीलदार डॉ. संजय कुमार बरैया, थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार, राजस्व अमला तथा नगर पालिका टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई।

बताया जा रहा है कि विवेकानंद वार्ड स्थित फव्वारा चौक के सामने मुख्य मार्ग से लगी भूमि पर रतन सिंह द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था। शिकायतकर्ता हरप्रीत खुराना ने जनसुनवाई में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि निर्माण सार्वजनिक मार्ग के लिए दर्ज भूमि पर किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की।
प्रशासन बोला- न्यायालय में मामला लंबित, तब तक नहीं होगा निर्माण
मौके पर पहुंचे तहसीलदार डॉ. संजय कुमार बरैया ने राजस्व रिकॉर्ड का परीक्षण किया तथा जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित भूमि स्वामी को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब तक शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज मार्ग क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाए। थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार ने भी दोनों पक्षों को आपसी सहमति और कानून के दायरे में रहकर विवाद का समाधान निकालने की समझाइश दी। उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर दोनों पक्षों द्वारा थाना मुलताई में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।

सीमांकन के लिए गठित हुआ जांच दल,
मामले की शिकायत के बाद तहसीलदार न्यायालय द्वारा सीमांकन और जांच के लिए विशेष राजस्व दल गठित किया गया था। जांच दल में राजस्व आरआई नजूल अशोक राठौर, आरआई शिवकुमार चौरासे, पटवारी सोहबत धुर्वे तथा पटवारी आशीष गामड़ शामिल थे। जांच दल ने फव्वारा चौक स्थित नजूल भूमि, सीट नंबर-21 के भूखंड क्रमांक 87/2, क्षेत्रफल 229.95 वर्गमीटर का मौका निरीक्षण किया। अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि की नपाई कर पंचनामा तैयार किया गया।

7 दिन में जवाब दें, अन्यथा होगी मकान तोड़ने की कार्रवाई: नगर पालिका का नोटिस
मुलताई। नगर पालिका परिषद ने विवेकानंद वार्ड निवासी रतनसिंह खुराना को अवैध भवन निर्माण के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी द्वारा जारी नोटिस में सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर पालिका के अनुसार, खुराना को 21 अक्टूबर 2014 को पत्र क्रमांक 1716 के तहत भवन निर्माण की अनुमति प्रदान की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान अनुमति की शर्त क्रमांक-08 का उल्लंघन पाया गया। इसके चलते पूर्व में जारी भवन अनुज्ञा को 8 अप्रैल 2015 को निरस्त कर दिया गया था। संबंधित निर्माण मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसे अवैध निर्माण माना गया है।

रास्ते की भूमि पर लगाए गए निशान,
जांच दल द्वारा तैयार पंचनामे में उल्लेख किया गया कि मौके पर पहले से मकान एवं दुकान निर्मित होने के कारण पूर्ण सीमांकन संभव नहीं हो सका। इसके बावजूद वर्तमान स्थिति के आधार पर जांच की गई, जिसमें पाया गया कि सीट नंबर-21 के भूखंड क्रमांक 87/1 का 43.80 वर्गमीटर क्षेत्र नगर पालिका सड़क मार्ग के रूप में दर्ज है। पंचनामे के अनुसार उत्तर-दक्षिण दिशा में लगभग 10 फीट तथा पूर्व-पश्चिम दिशा में 20.4 फीट क्षेत्र सड़क एवं रास्ते के लिए चिन्हित पाया गया। जांच दल ने संबंधित भूमि पर निशान लगाकर निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया।

नगर में शासकीय भूमि पर कब्जों को लेकर बढ़ी चिंता
–नगर में लगातार शासकीय एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमियों पर कब्जे और अवैध निर्माण के मामलों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। कई पुराने रास्ते या तो अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए हैं या रिकॉर्ड में कथित फेरबदल के कारण विवादित हो चुके हैं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई आने वाले समय में अन्य मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इनका कहना
“शिकायत के आधार पर मामले की जांच की गई। जांच में रास्ते की भूमि पर निर्माण कार्य किया जाना पाया गया है। संबंधित भूमि को चिन्हित कर भूमि स्वामी को तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं।”
— अशोक राठौर, जांच दल प्रभारी एवं राजस्व आरआई, मुलताई

