मुलताई। मुलताई क्षेत्र में सूचना का अधिकार मजाक बनकर रह गया है मांगी गई की जानकारी के एवज मे अधिकारी गलत तथ्यों का उपयोग कर आवेदक को गुमराह करते हैं यहां तक की सूचना के अधिकार की धाराओं की अनुचित व्याख्या तक करने से नहीं कतराते यही कारण है कि जिला और प्रदेश सूचना आयोग में मुलताई के दर्जनों प्रकरण लंबित है ।
हाल ही में फिर जनपद शिक्षण केंद्र में ऐसा ही चौका देने वाला मामला सामने आया है जिसमें सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर जनपद शिक्षा केंद्र बीआरसी मुलताई द्वारा दिया गया जवाब अब सवालों के घेरे में है।
आवेदक राम चरण मालवीय ने निजी स्कूलों की मान्यता एवं निरीक्षण (भौतिक सत्यापन) रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन विभाग ने इसे आरटीआई एक्ट 2005 की धारा 8(1)(j) का हवाला देकर देने से इनकार कर दिया। अब यह मामला केवल सूचना न देने का नहीं, बल्कि आरटीआई कानून की गलत व्याख्या कर आवेदक को गुमराह करने का प्रतीत हो रहा है।
क्या कहता है सूचना का अधिकार
सूचना के अधिकार की धारा 2(f) – “सूचना” की परिभाषा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005के अनुसार: किसी भी प्रकार के रिकॉर्ड, दस्तावेज, रिपोर्ट, फाइल, डाटा को सूचना माना गया है यानी स्कूलों की मान्यता एवं निरीक्षण रिपोर्ट स्पष्ट रूप से “सूचना” की श्रेणी में आती है धारा 2(j) – सूचना प्राप्त करने का अधिकार नागरिक को सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध रिकॉर्ड देखने, कॉपी लेने का अधिकार है। यदि शिक्षा विभाग के पास स्कूलों की जांच रिपोर्ट मौजूद है, तो उसे देना अनिवार्य है।
धारा 8(1)(j) – कब रोकी जा सकती है सूचना?
यह धारा केवल इन मामलों में लागू होती है: जब जानकारी व्यक्तिगत हो जिसका जनहित से कोई संबंध न हो जिससे किसी की निजता प्रभावित हो बीआरसी का तर्क क्यों गलत माना जा रहा है? बीआरसी ने कहा कि यह “निजी संस्था” की जानकारी है, इसलिए नहीं दी जा सकती
किंतु वास्तविकता यह है कि निजी स्कूल जब सरकार से मान्यता लेते हैं, वे सरकारी नियंत्रण और नियमों के अधीन आ जाते हैं
उनकी: मान्यता प्रक्रिया ,निरीक्षण रिपोर्ट नियमों का पालन यह सब सार्वजनिक दस्तावेज बन जाते हैं जनहित का मुद्दा: शिक्षा व्यवस्था पर सवाल विशेषज्ञों के अनुसार: शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पारदर्शिता जरूरी है यदि स्कूलों की जांच रिपोर्ट छुपाई जाती है, तो अवैध संचालन नियमों की अनदेखी छात्रों के हितों पर खतरा माना जाना चाहिए।
इनका कहना
निजी स्कूलों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है जिसमें बीआरसी कार्यालय मुलताई मॉनिटरिंग तो करता है किंतु यह जांच प्रतिवेदन बैतूल कार्यालय को भेज देता है । हम आवेदक को बुलाकर फिर से चर्चा करेंगे।
आशीष शर्मा
बीआरसी मुलताई

