दो कब्जाधारियों को मिला स्थगन आदेश, जेसीबी लेकर पहुंची नगर, पालिका-राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम की कार्रवाई रुकी; सात अन्य प्रकरणों में नहीं मिला स्टे, 10 सितंबर को होगी सुनवाई,
मुलताई। ताप्ती नाले में अतिक्रमण हटाने की लंबे समय से चल रही प्रशासनिक कवायद को उस समय झटका लगा, जब कार्रवाई के लिए पहुंची नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को न्यायालय से जारी स्थगन आदेश के कारण वापस लौटना पड़ा। टीम 3 जेसीबी मशीन के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी, लेकिन कार्रवाई शुरू होने से पहले ही न्यायालय का आदेश सामने आने के बाद पूरी कार्रवाई रोकनी पड़ी।
मामले में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायालय, मुलताई द्वारा राजेश पवार और अमित शर्मा से संबंधित प्रकरण में स्थगन आदेश जारी किया गया है। वहीं, बताया गया है कि कुल नौ प्रकरणों में से सात प्रकरणों में संबंधित पक्षों को फिलहाल स्थगन आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में इन प्रकरणों को लेकर आगामी न्यायालयीन कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
10 सितंबर को होगी सभी प्रकरणों में सुनवाई,
मामले में नगर पालिका एवं शासन को आगामी 10 सितंबर को न्यायालय में उपस्थित होने का नोटिस प्राप्त हुआ था। इसी बीच राजेश पवार और अमित शर्मा की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा धारा 151 सीपीसी (Inherent Powers) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए प्रथम जिला एवं सत्र न्यायालय, मुलताई ने स्थगन आदेश पारित किया।

स्थगन आदेश की जानकारी मिलने के बाद नगर पालिका की ओर से अधिवक्ता पंकज यादव ने मामले में शीघ्र सुनवाई के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सभी नौ प्रकरणों में नगर पालिका की ओर से वकालतनामा प्रस्तुत कर न्यायालय में उपस्थिति दर्ज करा दी गई है। शासन की ओर से भी वकालतनामा प्रस्तुत कर न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराई गई है।

कार्रवाई से पहले ही रोकनी पड़ी जेसीबी,
ताप्ती नाले में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा लंबे समय से तैयारी की जा रही थी। नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। इसी क्रम में टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची थी।
हालांकि, कार्रवाई शुरू होने से पहले ही न्यायालय से स्थगन आदेश की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को कार्रवाई रोकनी पड़ी। इसके बाद संयुक्त टीम को बिना कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा।

अब 10 सितंबर की सुनवाई पर टिकी नजरें,
नगर पालिका के अधिवक्ता पंकज यादव ने बताया कि सभी संबंधित प्रकरणों में आगामी 10 सितंबर को प्रथम जिला एवं सत्र न्यायालय, मुलताई के समक्ष सुनवाई होगी। न्यायालय में होने वाली इस सुनवाई के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ताप्ती नाले में अतिक्रमण का मुद्दा लंबे समय से नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की तैयारी के बाद माना जा रहा था कि अब कार्रवाई धरातल पर दिखाई देगी, लेकिन न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के कारण फिलहाल यह मामला फिर कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है।

अब नगरवासियों की नजरें 10 सितंबर को होने वाली न्यायालयीन सुनवाई पर टिकी हैं। सवाल यह भी है कि जिन सात प्रकरणों में स्थगन आदेश नहीं मिला है, उनमें प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और जिन दो प्रकरणों में स्थगन मिला है, उनमें न्यायालय का अगला रुख क्या रहता है। लंबे समय से लंबित इस मामले का स्थायी समाधान कब और किस रूप में निकलता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

