ताप्ती लोक की परिकल्पना को अब मिल सकता है यथार्थ का स्वरूप,

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मुलताई। सूर्यपुत्री मां ताप्ती की जन्मस्थली एवं मध्य प्रदेश शासन द्वारा घोषित पवित्र नगरी मुलताई को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की वर्षों पुरानी मांग और संघर्ष को अब यथार्थ का स्वरूप मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। हाल ही में भोपाल संभागायुक्त द्वारा मुलताई पहुंचकर मां ताप्ती परिक्रमा क्षेत्र का दौरा किए जाने के बाद अब भोपाल की कंसल्टेंसी एजेंसी की टीम ने ताप्ती नगरी पहुंचकर प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, पवित्र नगरी मुलताई में लगभग 100 करोड़ रुपए की प्रस्तावित लागत से मां ताप्ती लोक विकसित किए जाने की योजना है। इसी परियोजना के तहत विस्तृत सर्वे और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी भोपाल की समग्र कंसल्टेंसी को दी गई है। मंगलवार को कंसल्टेंसी एजेंसी की टीम मुलताई पहुंची और प्रस्तावित ताप्ती लोक क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करते हुए सर्वे कार्य प्रारंभ किया।

कंसल्टेंसी टीम द्वारा ताप्ती परिक्रमा क्षेत्र के साथ ही छोटे तालाब सहित आसपास के प्रस्तावित विकास क्षेत्र का भी विस्तृत सर्वे किया गया। सर्वेक्षण के आधार पर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध स्थान, वर्तमान सुविधाओं और प्रस्तावित विकास कार्यों का अध्ययन कर डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके बाद परियोजना को मूर्त रूप देने की दिशा में आगामी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

मां ताप्ती की उद्गमस्थली मुलताई का धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व सदियों से रहा है। ताप्ती सरोवर और मां ताप्ती मंदिर के कारण यह नगरी देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाती है। नगरवासियों द्वारा लंबे समय से मुलताई को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की जाती रही है।

पिछले दो दशकों के दौरान मुलताई के विकास को लेकर कई बार घोषणाएं और आश्वासन सामने आए। कभी मुलताई को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही गई, तो कभी ताप्ती लोक और ताप्ती कॉरिडोर जैसी योजनाओं की चर्चा हुई। हालांकि, इन योजनाओं की ठोस रूपरेखा और जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं होने के कारण नागरिकों में निराशा बनी रही। अब कंसल्टेंसी एजेंसी द्वारा सर्वे शुरू किए जाने से क्षेत्रवासियों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बाद ताप्ती लोक परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

प्रस्तावित मां ताप्ती लोक को मुलताई की धार्मिक एवं पर्यटन पहचान को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जाने की योजना है। परियोजना के तहत ताप्ती सरोवर, मां ताप्ती मंदिर और परिक्रमा क्षेत्र को बेहतर स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना है। परियोजना के मूर्त रूप लेने पर मुलताई में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से मां ताप्ती के दर्शन और परिक्रमा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

कंसल्टेंसी एजेंसी का प्रमुख कार्य प्रस्तावित क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कर उसकी व्यवहारिकता का अध्ययन करना और उसके आधार पर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना है। डीपीआर में परियोजना के विभिन्न घटकों, विकास कार्यों, सुविधाओं, निर्माण की संभावनाओं और अनुमानित लागत का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा। सर्वे कार्य शुरू होने के बाद अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही ताप्ती लोक की मांग केवल घोषणा और आश्वासन तक सीमित न रहकर धरातल पर आकार लेगी। यदि प्रस्तावित योजना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती है, तो यह मुलताई को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
इनका कहना
भोपाल से सामग्र कंसलटेंसी के लोगों ने मुलताई पहुंचकर ताप्ती लोक निर्माण का सर्वे कार्य प्रारंभ किया है, सर्वे उपरांत डीपीआर बनाकर ताप्ती लोक की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
महेश शर्मा उपयंत्री नगर पालिका मुलताई

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