मोही में मुस्लिम समाज ने कराया स्वल्पाहार, मुलताई पहुंचकर मां ताप्ती का जल लेकर भोलेनाथ के जयकारों के साथ लौटे सैकड़ों कांवड़िये,
मुलताई। पवित्र नगरी मुलताई जहां एक ओर अपनी धार्मिक आस्था के लिए विख्यात है, वहीं दूसरी ओर आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी प्रस्तुत करती रही है। इसी गंगा-जमुनी संस्कृति का अनुपम उदाहरण रविवार को उस समय देखने को मिला, जब सुहागपुर से निकली विशाल कांवड़ यात्रा का मुस्लिम समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया तथा सभी कांवड़ियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की।


श्रावण मास के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति श्री शुगर मिल के समीप स्थित शिव मंदिर, सुहागपुर से सैकड़ों श्रद्धालु कंधों पर कांवड़ लेकर लगभग 40 किलोमीटर की यात्रा करते हुए मुलताई पहुंचे। यहां उन्होंने मां ताप्ती मंदिर सहित विभिन्न शिव मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा मां ताप्ती का पवित्र जल कांवड़ में भरकर भगवान भोलेनाथ का जयघोष करते हुए अपने गंतव्य सुहागपुर के लिए रवाना हुए।

यात्रा के दौरान ग्राम मोही में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष जफर पटेल एवं कांग्रेस पिछड़ा वर्ग के जिला अध्यक्ष तकी उल हसन रिजवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर हनी पटेल, मोहसिन शाह, फिरोज शाह, हमजा पटेल सहित अनेक लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया तथा स्वल्पाहार वितरित किया।
इसके पश्चात मुलताई नगर के प्रमुख उद्योगपति एवं समाजसेवी मुरारी अग्रवाल एवं उनके परिजनों ने भी कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया और उनकी सेवा की। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु अनुशासित ढंग से भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।

मां ताप्ती का पवित्र जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत किया गया। धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव का यह दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा तथा मुलताई की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को एक बार फिर मजबूत करता नजर आया।




