महाराष्ट्र में बच्ची व मवेशियों पर हमले के बाद बैतूल के आठनेर क्षेत्र में दिखने का वीडियो वायरल, पुलिस-वन विभाग अलर्ट,
बैतूल। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक बच्ची तथा मवेशियों पर हमले की घटना के बाद कथित आदमखोर शेर के मध्य प्रदेश में प्रवेश की आशंका जताई जा रही है। बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम दाभोना में बाघ दिखाई देने का एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और वन विभाग सतर्क हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस एवं वन विभाग को देने की अपील की है।
मुख्यालय बैतूल को महाराष्ट्र के अमरावती कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचना के अनुसार, अमरावती जिले के ग्राम ब्राह्मणवाड़ा में एक बच्ची की शेर के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 6 सितंबर 2026 को ग्राम सिराजगांव में एक गाय और उसके बछड़े पर भी बाघ ने हमला कर उन्हें मार डाला। इन घटनाओं के बाद संबंधित बाघ के मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
इसी बीच बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दाभोना में शेर दिखाई देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो मिलने के बाद पुलिस, वन विभाग और प्रशासन ने संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ा दी है तथा सीमावर्ती गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हालांकि संबंधित वीडियो की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग द्वारा की जा रही है।

पुलिस ने ग्रामीणों को जारी की सावधानी संबंधी एडवाइजरी,.
बैतूल पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल या खेतों की ओर अकेले न जाएं तथा बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। पुलिस द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि— बच्चों को अकेले घर से बाहर न जाने दें। खेतों एवं जंगल की ओर अकेले जाने से बचें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें। सुबह, शाम एवं रात्रि के समय विशेष सतर्कता बरतें।

यदि बाघ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो उसके पास जाने या भीड़ लगाने का प्रयास न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा वन्यजीव की मौजूदगी की तत्काल सूचना पुलिस या वन विभाग को दें, सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों से बचें तथा केवल प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

पुलिस-वन विभाग का संयुक्त अभियान,
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि पुलिस, जिला प्रशासन एवं वन विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सीमावर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता ही ऐसी परिस्थितियों में सबसे बड़ा बचाव है।


