टूटा फ्लोर, बंद शौचालय, पेयजल व बैठने की व्यवस्था नहीं; सामाजिक कार्यकर्ता ने जनसुनवाई में उठाया मुद्दा,
मुलताई। तहसील परिसर स्थित लोक सेवा केंद्र, जहां से शासन को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, स्वयं बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें आवश्यक सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इस समस्या को लेकर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता अनिल सोनी ने सोमवार को आयोजित जनसुनवाई में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपकर लोक सेवा केंद्र की बदहाल व्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित कराया तथा भवन की मरम्मत और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
अनिल सोनी ने बताया कि तहसील क्षेत्र का यह एकमात्र लोक सेवा केंद्र है, जहां जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवेदन करने पहुंचते हैं। प्रत्येक आवेदक से निर्धारित शुल्क लिया जाता है, जिससे शासन को पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है। इसके अलावा लोक सेवा केंद्र का संचालन भी प्रतिवर्ष लाखों रुपये के ठेके पर दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र में नागरिकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव है।

उन्होंने बताया कि सेवा केंद्र का फर्श कई स्थानों पर टूट चुका है और टाइल्स उखड़ने लगी हैं, जिससे आए दिन आवेदकों के ठोकर खाकर घायल होने की आशंका बनी रहती है। केंद्र में शौचालय बंद पड़े हैं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है तथा पर्याप्त बैठने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। गर्मी के मौसम में नागरिकों की सुविधा के लिए कूलर अथवा अन्य शीतलन व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे घंटों इंतजार करने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

अनिल सोनी का कहना है कि जब प्रत्येक सेवा के लिए नागरिकों से निर्धारित शुल्क लिया जाता है, तब उन्हें न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराना भी संबंधित एजेंसी और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि लोक सेवा केंद्र के भवन की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, टूटे हुए फ्लोर और टाइल्स को बदला जाए तथा पेयजल, शौचालय, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और गर्मी के मौसम में कूलर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की कि जनसुनवाई में उठाई गई इस समस्या पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे लोक सेवा केंद्र वास्तव में आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक और जनहितैषी बन सके।



