क्रिएटर मीटअप में जुटे जिलेभर के डिजिटल क्रिएटर, “मुलताई की विरासत, संस्कृति और भविष्य” पर बनी 33 शानदार रीलों को मिला मंच; अक्टूबर में सीजन-4 के आयोजन की घोषणा,
मुलताई। मां ताप्ती और मूलतापी नगरी की विरासत, संस्कृति एवं भविष्य को सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित मूलतापी रील मेकिंग प्रतियोगिता सीजन-3 का रविवार को पुरस्कार वितरण समारोह एवं क्रिएटर मीटअप के साथ भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता में मुलताई सहित बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुरना और नागपुर क्षेत्र के कुल 35 क्रिएटर्स ने भाग लिया। प्रतियोगिता के तहत “मुलताई की विरासत, संस्कृति और भविष्य” विषय पर कुल 33 रीलें तैयार की गईं।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पाड़सिंगा निवासी निखिल साहू ने प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें राकेश पल्लू अग्रवाल की ओर से 11 हजार रुपए नगद प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं अमरावती घाट निवासी लोकेश अलोने ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उन्हें नीरज ठाकरे की ओर से 5,100 रुपए नगद पुरस्कार दिया गया। मुलताई निवासी कृष्णा पवारे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिन्हें अनिष नायर की ओर से 2,100 रुपए नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।

प्रतियोगिता में विशेष रूप से 12 वर्षीय रोसेश सोनी को यंगेस्ट क्रिएटर अवार्ड से सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र, शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जिलेभर के क्रिएटर्स ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में बैतूल जिले के मशहूर क्रिएटर बासु ठाकरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं अमन उइके, ज्योति कवड़े और कशिश उइके विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता की रीलों के मूल्यांकन के लिए भोपाल से कपिल धोटे तथा बैतूल से शिवम् वाडिवा और रोहित अहाके जजमेंट पैनल में शामिल रहे। क्रिएटर मीटअप के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से मुलताई के स्थानीय इतिहास, संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक विरासत को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मुलताई की पहचान को नई ऊंचाई देने का प्रयास,
आयोजकों ने कहा कि मूलतापी रील मेकिंग प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल एक प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ मुलताई की पहचान और मां ताप्ती की महिमा को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाना है। युवाओं और डिजिटल क्रिएटर्स के माध्यम से स्थानीय विरासत एवं संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।

समारोह में ताप्ती मंदिर के पुजारी सौरभ जोशी, राजू पाटनकर, संदीप भार्गव, महेश खत्री, दीपक सोलंकी, हामिद सनम, नारद जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक और क्रिएटर्स मौजूद रहे। पुरस्कार वितरण एवं क्रिएटर मीटअप के साथ सीजन-3 का सफल समापन हुआ। वहीं आयोजन के दौरान अक्टूबर माह में मूलतापी रील मेकिंग प्रतियोगिता सीजन-4 आयोजित करने की घोषणा भी की गई, जिसे लेकर क्रिएटर्स में खासा उत्साह देखने को मिला।




