नारद टेकड़ी बचाओ समिति ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से लगाई गुहार, ताप्ती सरोवर के प्रमुख जल स्रोतों को संरक्षित करने की उठाई मांग
मुलताई। ताप्ती उद्गम स्थल और उससे जुड़े प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर चिंता के बीच नारद टेकड़ी बचाओ समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक चंद्रशेखर देशमुख एवं नगर पालिका अध्यक्ष नीतू प्रहलाद सिंह परमार के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर नारद टेकड़ी और उससे जुड़े जल स्रोतों के संरक्षण की मांग की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ताप्ती सरोवर के अस्तित्व और वर्षा जल संग्रहण व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं भी सामने रखीं।
नारद टेकड़ी की खरीद-फरोख्त से बढ़ सकता है जल स्रोतों पर संकट,
विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराया कि नारद टेकड़ी क्षेत्र में भूमि की खरीद-फरोख्त हो रही है। यदि यह भूमि निजी हाथों में चली जाती है और वहां आबादी विकसित होती है, तो क्षेत्र में गंदगी बढ़ने के साथ ही ताप्ती सरोवर तक पहुंचने वाला प्राकृतिक वर्षा जल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे उद्गम स्थल के जल भराव पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और भविष्य में ताप्ती सरोवर के अस्तित्व पर भी संकट गहरा सकता है।

जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज के लिए सरकारी नियंत्रण जरूरी,
नगर पालिका अध्यक्ष नीतू प्रहलाद सिंह परमार ने कहा कि नारद टेकड़ी और उसके आसपास की रिक्त भूमि को शासन के अधीन लेकर वहां वर्षा जल संग्रहण की समुचित व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इससे न केवल ताप्ती सरोवर वर्षभर जल से परिपूर्ण रहेगा, बल्कि रामनगर, रेलवे पटरी पार क्षेत्र, पटेल वार्ड तथा आसपास के गांवों के लिए भी प्रभावी वाटर रिचार्ज प्वाइंट विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने इसे नगर हित और मां ताप्ती के संरक्षण के लिए आवश्यक बताया।

जल स्रोतों से छेड़छाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगी : हेमंत खंडेलवाल,
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मां ताप्ती सहित सभी प्राकृतिक जल स्रोतों और उनके कैचमेंट क्षेत्रों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन स्तर पर इन जल स्रोतों के संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मां ताप्ती केवल एक नदी नहीं, बल्कि पूरे देश और विश्वभर में करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक और पौराणिक आस्था का केंद्र हैं। नारद टेकड़ी का भी धार्मिक महत्व है और यह जनभावनाओं से जुड़ा विषय है। ऐसे में जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए शासन हर स्तर पर संरक्षण संबंधी कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।
ताप्ती उद्गम क्षेत्र के विकास के लिए बनेगी व्यापक कार्ययोजना,
हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि मुलताई में मां ताप्ती के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन के विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस योजना में पुरातत्व विभाग सहित विभिन्न विभागों की सहभागिता होगी तथा करोड़ों रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इससे ताप्ती उद्गम क्षेत्र की गरिमा बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।

पहले चरण में 14 करोड़ रुपये के कार्यों की तैयारी
समिति सदस्य राजू पाटनकर ने बताया कि प्रथम चरण में लगभग 14 करोड़ रुपये की विकास योजना पर कार्य प्रारंभ किए जाने का आश्वासन प्राप्त हुआ है। इस योजना के मूर्त रूप लेने से ताप्ती उद्गम क्षेत्र के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये सदस्य– नारद टेकड़ी बचाओ समिति के प्रतिनिधिमंडल में नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद सिंह परमार, अजय यादव, मनीष माथनकर, विश्वनाथ विहिते, राजेश खंडेलवाल, सुकांत बनर्जी, योगेश पवार और राजू पाटनकर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


