मुलताई। बैतूल जिले के ग्राम पांढरी निवासी ग्रामीण ने महाराष्ट्र के एक राज्य उत्पादन शुल्क अधिकारी पर लगातार जान से मारने की धमकी देने, दबाव बनाकर केस वापस लेने तथा मानसिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बैतूल को लिखित शिकायत सौंपकर स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पांढरी निवासी दिलीप परतेती ने शिकायत में बताया कि अमरावती (महाराष्ट्र) में पदस्थ राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के कर्मचारी दिनकर तिडके द्वारा उसकी मोटरसाइकिल छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले की शिकायत उसने अमरावती एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से की थी। शिकायत के बाद 22 अप्रैल 2024 को एसीबी ने कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को रिश्वत प्रकरण में पकड़ा था।
“केस वापस नहीं लिया तो जान से मार दूंगा”
पीड़ित का आरोप है कि एसीबी कार्रवाई के बाद से आरोपी अधिकारी उससे रंजिश रखने लगा और लगातार धमकियां दे रहा है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी अपने लोगों को गांव भेजकर दबाव बनाता है तथा केस वापस लेने के लिए धमकाता है। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने कई बार कहा कि यदि मामला वापस नहीं लिया गया तो उसे गाड़ी से कुचलवा देगा, गोली मरवा देगा या झूठे मामलों में फंसा देगा।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी द्वारा समझौते के नाम पर 5 लाख रुपए लेने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी कहता है कि उसके पास हथियार हैं और वह किसी भी समय नुकसान पहुंचा सकता है।

भय और तनाव में जी रहा परिवार
दिलीप परतेती ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह और उसका परिवार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं। मानसिक तनाव इतना बढ़ गया है कि घर से बाहर निकलने में भी डर लगने लगा है। उसने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

मोर्शी थाने में दर्ज है एफआईआर,
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना मोर्शी, जिला अमरावती (महाराष्ट्र) में एफआईआर क्रमांक 0186/2024 दर्ज है। इसके बावजूद लगातार धमकियां मिलने से उसने अब बैतूल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी है। पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो यह मामला एक शिकायतकर्ता को प्रताड़ित करने और कानून प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर उदाहरण हो सकता है। फिलहाल पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
रिश्वतखोरी मामले में शिकायत करने वाले ग्रामीण ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार, कहा – “केस वापस नहीं लिया तो मरवा दूंगा

