ईंट भट्टों में हो रहा लाखों लीटर पानी का उपयोग, जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों और अवैध ट्यूबवेलों को बताया संकट का कारण
मुलताई। नगर सीमा से लगी ग्राम पंचायत कामथ इन दिनों गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रही है। गांव में पानी की समस्या लगातार गहराती जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को ग्राम पंचायत कामथ की सरपंच पुष्पा जीतू डहारे ने जनसुनवाई में पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजीव कहार को ज्ञापन सौंपा और ग्राम की पेयजल व्यवस्था में स्थायी एवं प्रभावी सुधार के लिए प्रशासन से आवश्यक सहयोग की मांग की।
एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में सरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत कामथ में उत्पन्न पेयजल संकट के समाधान के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई), विद्युत विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की जाए, ताकि समस्या के सभी पहलुओं की जांच कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।अधिग्रहित बोर पंचायत को नहीं मिले, बढ़ी समस्यासरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई ऐसे बोरवेल हैं जिनका अधिग्रहण किया जा चुका है, लेकिन अब तक उन्हें पंचायत को हैंडओवर नहीं किया गया है। यदि इन बोरवेलों का संचालन पंचायत को सौंप दिया जाए तो पेयजल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ईंट भट्टों में हो रहा पानी का भारी दुरुपयोग,
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग पांच लाख लीटर पानी का उपयोग अवैध ईंट भट्टों में ईंट निर्माण कार्य के लिए किया जा रहा है। जबकि वर्तमान में संपूर्ण मुलताई तहसील को गंभीर जल संकट के चलते “पेयजल अभाव क्षेत्र” घोषित किया गया है। ऐसी स्थिति में पेयजल के लिए उपलब्ध जल संसाधनों का व्यावसायिक उपयोग नियमों के विपरीत है। सरपंच ने मांग की है कि नियमों का कड़ाई से पालन कराते हुए ईंट भट्टों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए।

अवैध कॉलोनियों पर भी उठाए सवाल,
ग्राम पंचायत के अनुसार कामथ क्षेत्र में लगभग 15 से 20 अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की पेयजल व्यवस्था का अतिरिक्त दबाव पंचायत पर पड़ रहा है। सरपंच ने मांग की है कि इन कॉलोनियों में पानी की व्यवस्था संबंधित कॉलोनाइजरों के माध्यम से कराई जाए, ताकि पंचायत पर बढ़ रहे बोझ को कम किया जा सके। सरपंच पुष्पा जीतू डहारे ने बताया कि ग्राम पंचायत कामथ में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी एवं पाइपलाइन विस्तार का कार्य स्वीकृत हुआ था। टंकी का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक नई पाइपलाइन का विस्तार नहीं किया गया है। वर्तमान में पंचायत लगभग 15 वर्ष पुरानी पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति कर रही है, जो कई स्थानों पर जर्जर हो चुकी है। इसके कारण पर्याप्त दबाव से पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है और कई मोहल्लों में जलापूर्ति बाधित हो रही है।

शासकीय भूमि पर अवैध ट्यूबवेल खनन का आरोप,
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ लोगों द्वारा शासकीय भूमि पर निजी उपयोग के लिए अवैध रूप से ट्यूबवेल खनन कर कब्जा कर लिया गया है। सरपंच ने ऐसे सभी अवैध कब्जे हटाकर संबंधित ट्यूबवेल ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उनका उपयोग सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए किया जा सके।

ग्राम पंचायत के पास सीमित प्रशासनिक अधिकार और वित्तीय संसाधनों की कमी है। ऐसी स्थिति में गंभीर पेयजल संकट के दौरान व्यवस्था का सुचारु संचालन करना अत्यंत कठिन हो रहा है। उन्होंने मांग की कि इस पेयजल आपातकाल की स्थिति में पीएचई विभाग, राजस्व विभाग, विद्युत विभाग एवं पुलिस विभाग को पेयजल व्यवस्था का संपूर्ण दायित्व सौंपा जाए।


