अजय टावरे
फसल सर्वे के निर्देश, किसानों ने की कर्जमाफी, मुआवजे और सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग,
पांढुर्णा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार दोपहर पांढुर्णा प्रवास के दौरान उस समय किसानों के बीच रुक गए, जब ग्राम भूली, सिवनी, राजना, भंदारगोंदी, नीलकंठ सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने सांदीपनी विद्यालय के मुख्य द्वार पर उनके काफिले को रोक दिया। किसान क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे, कर्जमाफी, फसल सर्वे और पांढुर्णा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 2:30 बजे मुख्यमंत्री सांदीपनी विद्यालय के कार्यक्रम से निकलकर ग्राम राजना स्थित आश्रम की ओर रवाना हो रहे थे। इसी दौरान किसानों ने पहले विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री से अपनी समस्याएं रखने का प्रयास किया। इसके बाद मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हो गए और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के काफिले को रोक दिया।
स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वाहन से नीचे उतरे और किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने अल्प वर्षा और फसल क्षति से उत्पन्न स्थिति की जानकारी देते हुए तत्काल सर्वे कराने तथा मुआवजा देने की मांग रखी। किसानों की मांग सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पांढुर्णा जिले में फसलों के सर्वे के निर्देश दिए।

भूली जलाशय प्रभावितों के लिए चौपाल की मांग,
किसानों ने भूली जलाशय से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गांव में चौपाल आयोजित करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। किसानों का कहना था कि क्षेत्र में अल्प वर्षा के कारण कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और आने वाले समय में सिंचाई तथा पेयजल की समस्या भी गंभीर हो सकती है।
किसानों ने सरकार से फसल क्षति का मुआवजा, कर्जमाफी और जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की।

विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री,
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सांदीपनी विद्यालय में वरिष्ठ नागरिकों तथा माता-पिता विहीन दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों का फल, फूल एवं शाल-श्रीफल से सम्मान किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्रीय जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री जिला विकास समिति की बैठक में भी शामिल हुए। बैठक में कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने जिले में अब तक हुए विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने पांढुर्णा को नया जिला बताते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने पवित्र जाम सांवली मंदिर के निर्माण के अगले चरण को जल्द शुरू किए जाने का आश्वासन भी दिया। बैठक में सांसद बंटी साहू, पूर्व मंत्री नाना भाऊ मोहोड़, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष वैशाली महाले सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान सवालों का अवसर नहीं मिलने का दावा,
जिला विकास समिति की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के बाहर निकलने के दौरान छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के पत्रकारों ने उनसे संक्षिप्त बातचीत करने का आग्रह किया। स्थानीय पत्रकारों के अनुसार मुख्यमंत्री ने करीब दो मिनट तक शासन की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी, लेकिन पत्रकारों को सवाल पूछने का अवसर नहीं मिला। पत्रकारों ने इस दौरान मुख्यमंत्री से क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर सवाल करने की मांग की थी। स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों ने इसे लेकर असंतोष जताया। कांग्रेस ने भी रखी किसानों की मांग-जिला कांग्रेस कमेटी ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अल्प वर्षा के कारण किसानों के सामने संभावित पेयजल एवं सिंचाई संकट का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने किसानों की स्थिति को देखते हुए कर्जमाफी और पांढुर्णा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब किसानों को फसल सर्वे की कार्रवाई शुरू होने और उसके आधार पर राहत मिलने की उम्मीद है।

