एबीवीपी ने जांच समिति गठन की मांग, जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी,
मुलताई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने मूलतापी महाविद्यालय प्रबंधन पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर पांच बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन सी.पी. पाल को सौंपा गया।
विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन विद्यार्थियों के हित में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मूलतापी महाविद्यालय एक ही छोटे से परिसर में आईटीआई, डी.एल.एड., बी.एड. सहित अन्य पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है, जबकि अधिकांश कक्षाएं केवल दो कमरों में संचालित की जा रही हैं। महाविद्यालय में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है तथा प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) पाठ्यक्रमों की प्रयोगशालाएं और नियमित प्रैक्टिकल कक्षाएं भी संचालित नहीं हो रही हैं।
विद्यार्थी परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि बी.एड. एवं डी.एल.एड. के विद्यार्थी नियमित रूप से महाविद्यालय नहीं आते और केवल परीक्षा के समय ही उपस्थित होते हैं। नियमित शिक्षण कार्य नहीं हो रहा है तथा शिक्षक केवल दस्तावेजों में दर्ज हैं। वास्तविक रूप से महाविद्यालय में शिक्षण व्यवस्था नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि महाविद्यालय द्वारा निर्धारित नियमों से अधिक शुल्क वसूलकर आर्थिक अनियमितताएं की जा रही हैं। परिषद ने आरोप लगाया कि कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) राउंड में रिक्त सीटों पर ऑनलाइन प्रवेश का अधिकार मिलने के बाद प्रति सीट लगभग एक लाख रुपये तक लेकर सीटों की कथित कालाबाजारी की जा रही है।
एबीवीपी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में नगर मंत्री दीपेंद्र पवार, नगर सह मंत्री प्रणव पवार, नगर सह मंत्री रवि तायवाड़े, नगर सह मंत्री शुभम खवाड़े, सोशल मीडिया प्रमुख आयुष पाटिल, खेलो भारत सह संयोजक दिशा पवार, सोशल मीडिया प्रमुख विशाल पाटिल, सक्रिय कार्यकर्ता नवीन जैन, पीयूष तायवाड़े, राज धामने, अरुण खेड़ले, निलेश पवार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





