मुलताई। भारत विकास परिषद, मुलताई के तत्वावधान में तथा जिला चिकित्सालय बैतूल के सहयोग से नगर के क्रिश मेमोरियल हॉस्पिटल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में शाम खबर लिखे जाने तक 67 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया था और रक्तदान प्रारंभ था। रक्तदान शिविर का सबसे उल्लेखनीय पहलू महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। शिविर में लगभग एक दर्जन महिलाओं ने रक्तदान कर समाज के समक्ष प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। इससे स्पष्ट होता है कि महिलाओं में भी रक्तदान को लेकर जागरूकता और सकारात्मक सोच निरंतर बढ़ रही है।
शिविर का शुभारंभ डॉ. अंकुश भार्गव द्वारा रक्तदाताओं का सम्मान कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बैतूल जिले में होने वाली अनेक सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों के मामलों में समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों की जान पर संकट आ जाता है। वर्तमान में जिले में रक्त की कमी लगातार महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि रक्त एक ऐसी अमूल्य जीवनरक्षक सामग्री है जिसका निर्माण केवल मानव शरीर में ही संभव है और इसका कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है।

डॉ. भार्गव ने बताया कि रक्तदान करने से किसी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती, बल्कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करना स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना जाता है। उन्होंने कहा कि पवित्र नगरी मुलताई में प्रतिवर्ष विभिन्न सामाजिक एवं सेवा संस्थाओं द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि नगर की विभिन्न संस्थाओं को आपसी समन्वय बनाकर रक्तदान शिविरों की समय-सारिणी निर्धारित करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि शिविर में ऐसे कई लोग रक्तदान करने पहुंचे थे, जिन्होंने हाल ही में अन्य शिविरों में रक्तदान किया था और निर्धारित समय सीमा पूरी नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। यदि शिविरों के बीच उचित अंतराल रखा जाए तो अधिक से अधिक लोग रक्तदान कर सकेंगे।
रक्तदान शिविर का संचालन जिला चिकित्सालय बैतूल की ब्लड बैंक टीम की देखरेख में किया गया। इस दौरान डॉ. अंकिता सीते, लोकेश उबनारे, राजेश बोरखेड़े, निलेश जावलकर, हिमानी भद्रे, कपिल यादव, मिताली साहू सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने रक्तदाताओं की जांच, स्वास्थ्य परामर्श तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

जिला चिकित्सालय बैतूल के ब्लड बैंक लैब अटेंडेंट राजेश बोरखेड़े ने बताया कि युवाओं और आम नागरिकों में रक्तदान को लेकर जागरूकता पहले की अपेक्षा बढ़ी है, लेकिन अभी भी प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा अन्य विशेष अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर इन अवसरों को समाजसेवा से जोड़ा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक से संपर्क कर रक्तदान शिविर आयोजित कर सकता है। ब्लड बैंक की ओर से रक्त संग्रहण वाहन, रक्त संग्रहण बैग तथा प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। हालांकि किसी भी रक्तदान शिविर के आयोजन के लिए न्यूनतम 30 यूनिट रक्त संग्रहण की संभावना होना आवश्यक है। शिविर के सफल आयोजन में भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया।


