मुलताई। ताप्ती वार्ड में लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण कार्य को लेकर शुक्रवार को वार्डवासियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सड़क निर्माण में हो रही देरी के विरोध में ताप्ती वार्ड की पार्षद उर्मिला उबनारे ने वार्ड की महिलाओं के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के कक्ष में धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान पार्षद ने नगर पालिका प्रशासन पर उनके वार्ड की उपेक्षा और पक्षपात का आरोप लगाया। पार्षद उर्मिला का कहना था कि हाल ही में जिला कलेक्टर द्वारा सड़क निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराने का आश्वासन दिया गया था, इसके बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे वार्डवासियों में भारी नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में लगातार हो रही देरी से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने भी दर्ज कराया विरोध
धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुमित शिवहरे तथा पार्षद वंदना साहू भी मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने ताप्ती वार्ड में सड़क निर्माण कार्य में हो रही देरी को अनुचित बताते हुए नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुमित शिवहरे ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य पूरे नगर का विकास है

और परिषद के विकास कार्यों में पार्टी हमेशा सहयोग करती रही है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि नगर के सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य हों, लेकिन यदि किसी वार्ड की लगातार उपेक्षा की जाती है तो इसका विरोध किया जाना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित वार्डों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जो उचित नहीं है।

तकनीकी कारणों से रुका था कार्य : नगर पालिका
धरना-प्रदर्शन के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी मुलताई में मौजूद नहीं थे। बताया गया कि उनके पास वर्तमान में मुलताई के साथ-साथ आठनेर नगर परिषद का भी प्रभार है और वे शासकीय कार्य से आठनेर गए हुए थे। आठनेर से लौटने के बाद उन्होंने प्रदर्शन कर रही महिलाओं और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया।

नगर पालिका के अधिकारियों ने बताया कि ताप्ती वार्ड में कायाकल्प योजना के अंतर्गत लगभग 150 मीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी लागत करीब 6 लाख रुपये है। यह मार्ग ताप्ती जलमार्ग से सटा हुआ क्षेत्र है। तकनीकी कारणों के चलते सड़क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में संशोधन करना पड़ा। भविष्य में जलमार्ग के कारण सड़क को नुकसान न पहुंचे, इसलिए इसकी चौड़ाई में आवश्यक परिवर्तन किए गए।

अधिकारियों के अनुसार डीपीआर संशोधन और स्थल तक निर्माण सामग्री पहुंचाने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण कार्य प्रारंभ होने में विलंब हुआ। अब सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। शाम तक चली चर्चा, तब जाकर शांत हुआ मामलादोपहर में शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन शाम तक जारी रहा। इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी, थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार, पार्षदों, कांग्रेस पदाधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ और प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

“पक्षपात का आरोप निराधार, महिला पार्षदों का पूरा सम्मान करता हूं” : वीरेंद्र तिवारी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए पक्षपात के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि वे सभी जनप्रतिनिधियों, विशेषकर महिला पार्षदों का पूरा सम्मान करते हैं और विकास कार्यों में कभी किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि ताप्ती वार्ड में निकाय निधि से लगभग 12 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य पहले ही कराया जा चुका है। इसके अलावा नगर के सभी वार्डों की तुलना में उन्होंने सर्वाधिक दौरे ताप्ती वार्ड के ही किए हैं। जिस सड़क को लेकर विवाद की स्थिति बनी है, वहां निर्माण सामग्री पहुंचा दी गई है तथा संबंधित ठेकेदार को शनिवार से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

सड़क निर्माण शुरू होने की उम्मीद से वार्डवासियों को राहत,
प्रशासन की ओर से कार्य शीघ्र शुरू कराने के आश्वासन के बाद ताप्ती वार्ड के रहवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य वास्तव में कब शुरू होता है और वार्डवासियों को खराब मार्ग की समस्या से कब निजात मिलती है।

