वृक्षों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की सार्थक पहल दिखने लगा अनुसया सेवा संगठन के प्रयासों का फल,

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जो ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्य कर रहा है। यह संगठन वृक्षारोपण के साथ ,जन्मदिन, शादी, तीज ,त्योहारों पर पौधे भेंट कर ,वृक्षों को अपने जीवन की खुशियों में शामिल करने का संदेश देते हैं । संगठन के लगाएं गए पौधे अब लहलहाने लगे हैं । कल के पौधे आज वृक्ष बन गए हैं और अनेक पेड़ फलों से लदने लगे है। इस संगठन से जुड़े युवा छोटा-मोटा कार्य करते हैं या बेरोजगार है किंतु फिर भी भेंट किए जाने वाले पौधे यह अपने पैसे से खरीदते हैं टीगार्ड में अधिक खर्च होता है इसलिए युवा पौधे लगाने के लिए सुरक्षित स्थानों का चयन करते हैं।

जीवन की खुशियों को पौधे के रूप सदैव स्मरण रखा जा सकता है यह संदेश घर घर तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका राहनीय रही है। अनुसया सेवा संगठन के अध्यक्ष कृष्णा साहू बताते हैं कि अनुसया सेवा संगठन की बुनियाद 25 जुलाई 2016 को गणेश साहू राजेश हरपोडे, गुलशन वाघमारे, दिलीप साहू ने रखी थी ।संगठन के युवाओं ने पौधे लगाकर उसे पालने का संकल्प लिया। हर शुभ कार्य एवं  धार्मिक कार्यों से वृक्षों को जोड़कर  समाज में जागरूकता का प्रयास कर रहे हैं। और हम चाहते हैं कि सभी के संस्कारों में पौधों को लगाए और संस्कार के माध्यम से पौधे लगाकर उसे पाले। हमारे संगठन ने 2016 में जो पौधे लगाए थे, वह पेड़ के रूप में बड़े-बड़े हो चुके हैं तो हमें बहुत खुशी होती है। प्रशंसा होती है।

आर्थिक रूप से हम सक्षम नहीं हैं जितने भी लोग हम से जुड़े  हैं  पौधे हम खुद ही स्वयं के खर्चे से  खरीद कर लोगों को शुभ अवसर पर भेंट करते है पौधे लगाने के लिए सभी को जागरूक करते हैं। आज नगर एवं ग्राम में 70 ग्रामों में ऐसे ही कार्य चालू है कि हर शुभ कार्य में पौधे वितरण किए जाते हैं। हजारों लोग जुड़ गए हैं और संगठन धीरे-धीरे विस्तार कर रहा है। इसमें प्रशासन से कोई सहयोग नहीं हैं जैसे टी गार्ड की व्यवस्था नहीं होती तो, हम खुले स्थान पर पौधे नहीं लगा पाते, तो हम ऐसी जगह चिन्हित करते हैं जहां पर टी गार्ड की जरूरत ना पड़े।

लोगों को भी जागरूक करते हैं कि अपने घर में पौधे लगाए जिससे कि हमें बहुत से लाभ प्राप्त होते हैं क्योंकि पौधों में बहुत सी ऐसी शक्तियां होती है। जिससे हमें लाभ मिलता है लाभ मिलता है ऑक्सीजन तो मिलती है सूर्य के प्रकाश से हानिकारक किरणों को रोकती है इस संगठन  जो सदस्य हैं   बेरोजगार है वह अपने घर से मिले पैसे बचाकर पौधे खरीदते हैं और लोगों को भेंट करते हैं ।चंद्रशेखर साहू शिक्षक उत्कृष्ट विद्यालय मुलताई बताते हैं कि अनुसया सेवा संगठन जो 2016 में एक बहुत ही छोटे रूप में स्थापित किया गया और ऐसे रूप में स्थापित किया गया जब उनके पास कोई आर्थिक व्यवस्था नहीं थी लक्ष्य बहुत बड़ा था लक्ष्य यह कि हम अपने पर्यावरण को कैसे पाले ।

इस पर्यावरण का संवरण कैसे करें । इसके लिए कृष्णा साहू जिन्हें संगठन का अध्यक्ष बनाया जोकि बहुत गरीब तबके से थे, एक आर्थिक व्यवस्था कमजोर होने के बावजूद भी ऐसे लोग उसमें जुड़े जो तन और मन से पर्यावरण के प्रति समर्पित थे ।और इन्होंने अपने 70 गांव में और इसका विस्तार करते जा रहे हैं और आज देखते हैं कि यह जो पर्यावरण के प्रति जितना भी काम कर रहे हैं। यह वास्तव में सराहनीय है और मैं वास्तव में कृष्णा साहू को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने अपने इस लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए एक-एक करके एकता चला और मेरे पीछे  लोग जुड़ते चले ऐसा उन्होंने जो काम किया जिससे सेवा संगठन काफी आगे बढ़ता जा रहा है ।और मेरा एक सुझाव इनके लिए  है कि इस संगठन मे जितने भी लोग जुड़े हैं वह एक से और एक को जोड़ें और अपने पर्यावरण को पूर्ण रूप से समर्पित होते हुए कार्य करते रहें।

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