बैतूल/भीमपुर। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत भीमपुर में आयोजित जांच, जागरूकता एवं जनभागीदारी महाअभियान कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया।
इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग, पशुपालन विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, वन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के स्टॉलों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं, गतिविधियों और आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
सिकल सेल जागरूकता एवं उपचार संबंधी नवाचारों की दी जानकारी,
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में नोडल अधिकारी डॉ. अंकिता सीते ने जिले में सिकल सेल जागरूकता, उपचार एवं जनसेवा से जुड़ी अभिनव पहलों की विस्तृत जानकारी दी। प्रदर्शनी में स्वदेशी मेलों के माध्यम से सिकल सेल जनजागरूकता अभियान, घर के नजदीक एचपीएलसी रिपोर्ट सुविधा, सिकल सेल रोगियों के लिए न्यूमोकोकल टीकाकरण अभियान, स्थानीय स्तर पर सुरक्षित रक्त उपलब्धता, यूडीआईडी कार्ड के माध्यम से मरीज सहायता पहल तथा नियमित फॉलो-अप शिविर जैसी गतिविधियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।

इसके साथ ही जिले में सिकल सेल मरीजों के उपचार, जांच एवं निरंतर मॉनिटरिंग के लिए किए जा रहे प्रयासों और जनभागीदारी आधारित गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई। राज्यपाल श्री पटेल ने जिले में सिकल सेल उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदर्शित किए पौष्टिक व्यंजनमहिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में सिकल सेल मरीजों के लिए कम बजट ग्रामीण डाइट चार्ट तथा मिलेट्स से बने पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध सामग्री से पौष्टिक भोजन तैयार करने के तरीकों को भी प्रदर्शित किया गया।

पशुपालन, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की जानकारी
पशुपालन, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी में “क्षीर धारा ग्राम योजना” के अंतर्गत पशुपालन के क्षेत्र में उन्नतशील ग्रामों को आदर्श स्वरूप विकसित करने के प्रयासों की जानकारी दी गई। इसके माध्यम से पशुपालकों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि तथा हरा चारा उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रदर्शनी में त्रिवेणी गौशाला द्वारा निर्मित उत्पाद जैसे गो-कास्ट, हवन कंडे, मालिश तेल तथा सांची डेयरी के उत्पाद घी, दही, खोवा, मावा, पेड़ा एवं फ्लेवर्ड मिल्क का भी प्रदर्शन किया गया। साथ ही मिलेट्स एवं उद्यानिकी फसलों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।

स्व-सहायता समूहों के उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र,
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉल में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित आकर्षक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें बांस से निर्मित सजावटी सामग्री, सतपुड़ा एफपीओ द्वारा तैयार मिलेट उत्पाद जैसे कुकीज़, नूडल्स एवं पास्ता प्रमुख रहे। इसके अलावा अरहर दाल, कुटकी तथा पारंपरिक आकर्षक कुर्तों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। यह प्रदर्शनी ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता का उत्कृष्ट उदाहरण बनी।

वन विभाग ने प्रदर्शित की औषधीय वनोपज,
वन विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में तेंदूपत्ता एवं महुआ फूल संग्रहण के साथ जनजातीय समुदाय द्वारा संग्रहित औषधीय वनोपज का प्रदर्शन किया गया। लगभग 40 प्रकार की औषधीय महत्व की वनोपज प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गईं।
भीमपुर क्षेत्र में विशेष रूप से शहद संग्रहण का कार्य बड़े स्तर पर किया जाता है, जो जनजातीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन रहा है। जानकारी के अनुसार विगत वर्ष प्राथमिक लघु वनोपज समिति द्वारा 96 क्विंटल शहद का विक्रय किया गया। वन क्षेत्र से प्राप्त यह शहद शुद्ध एवं औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है, जिसकी हाल ही में न्यूजीलैंड के प्रतिनिधिमंडल द्वारा भी सराहना की गई।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जनजातीय कार्य दुर्गादास उईके, विधायक महेंद्र सिंह चौहान, विधायक गंगाबाई उईके, अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

