खेतों में नरवाई जलाने की बजाय अब मिलेगी निशुल्क सफाई सुविधा,

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मुलताई। प्रतिवर्ष प्रशासन द्वारा खेतों में नरवाई (फसल अवशेष/पराली) जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। विशेष रूप से मुलताई क्षेत्र में हर वर्ष पराली जलाने के कारण आगजनी की बड़ी घटनाएं भी होती हैं, जिससे किसानों, पर्यावरण और आसपास के क्षेत्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए अनंत ऑटोमोबाइल्स के संचालक एवं समाजसेवी उपेंद्र पाठक ने किसानों को जागरूक करने और खेतों की निशुल्क सफाई करने का अभिनव अभियान शुरू किया है।

इस पहल के माध्यम से किसानों को अब खेतों में नरवाई जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वे पर्यावरण तथा मिट्टी की उर्वरक क्षमता को नुकसान पहुंचाने से बच सकेंगे। उपेंद्र पाठक ने बताया कि किसान केवल एक फोन कॉल पर अपने खेतों की सफाई निशुल्क करवा सकते हैं। इसके लिए किसानों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य पूरी तरह वैज्ञानिक पद्धति से किया जा रहा है, जिसमें चार शक्तिशाली 75 एचपी ट्रैक्टरों और अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाता है।

उन्होंने बताया कि खेतों की सफाई चार अलग-अलग मशीनों की सहायता से की जाती है। सबसे पहले प्रेशर मशीन के माध्यम से फसल अवशेषों को व्यवस्थित किया जाता है। इसके बाद कचरा एकत्रित करने वाली मशीन, जाइलो मशीन तथा अंत में राउंड बेलर मशीन की सहायता से खेत को पूरी तरह साफ कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया से खेत में मौजूद अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन भी संभव हो पाता है।

उपेंद्र पाठक के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य केवल नरवाई जलाने पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि किसानों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें तो पराली जलाने जैसी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में नरवाई जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी प्रभावित होती है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे भविष्य की फसल उत्पादन क्षमता कम हो सकती है। इसके अलावा आग फैलने का खतरा बना रहता है और कई बार बड़े हादसे भी हो जाते हैं। प्रशासन द्वारा समय-समय पर किसानों को नरवाई नहीं जलाने की सलाह दी जाती है। मध्यप्रदेश में सामान्यतः भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 सहित अन्य प्रावधानों के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जाते हैं। कई मामलों में जुर्माना एवं एफआईआर जैसी कार्रवाई भी की जाती है। ऐसे समय में समाजसेवी उपेंद्र पाठक की यह पहल किसानों के लिए राहत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास मानी जा रही है।

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