महिलाओं को 2 किलोमीटर दूर से ढोना पड़ रहा पानी, ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त,
मुलताई। मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सोनोरा इन दिनों भीषण पेयजल संकट और बिजली समस्या से जूझ रहा है। गांव में पिछले लगभग 15 दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है, जिसके कारण पेयजल वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन 1 से 2 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। एक ओर लगातार बनी बिजली समस्या और दूसरी ओर गहराता जल संकट ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। गांव में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोग दिनभर पानी की व्यवस्था में ही जुटे रहने को मजबूर हैं।
महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
गांव में पानी की भारी कमी के चलते सबसे ज्यादा परेशान महिलाओं और बच्चों को होना पड़ रहा है। सुबह होते ही महिलाएं पानी के बर्तनों के साथ गांव से दूर जल स्रोतों की ओर निकल पड़ती हैं। कई परिवारों को पीने के पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अधिकांश जल स्रोत सूखने की कगार पर हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। गांव में मौजूद बोरवेल भी अब पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे संकट और गहरा गया है।

चार-पांच बोरवेल से चलती थी जलापूर्ति व्यवस्था
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम सोनोरा में चार से पांच बोरवेल का पानी एक कुएं में एकत्रित किया जाता है, जहां से सोनोरा एवं खड़ा अमला गांव में पेयजल आपूर्ति की जाती है। लेकिन पानी का स्तर गिरने और तकनीकी खराबी के कारण यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पिछले दिनों पंप फीडर की बिजली सप्लाई बंद हो गई। बिजली बाधित होने से मोटर पंप बंद पड़े हैं और कई घरों तक पीने का पानी पहुंचना पूरी तरह बंद हो गया है।

बिजली कटौती से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बिजली बंद रहने से न केवल जलापूर्ति प्रभावित हुई है, बल्कि दैनिक जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। खेती-किसानी और घरेलू कार्यों पर भी इसका असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। एसडीएम ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश-मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम राजीव कहार ने संबंधित विभागों को तत्काल समस्या के समाधान के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत एवं बिजली विभाग को जलापूर्ति और विद्युत व्यवस्था शीघ्र बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।


