क्या परिसीमन के बाद बदलेगा  प्रदेश एवं बैतूल जिले का चुनावी नक्शा,

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असलम अहमद

भोपाल- मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव, जो संभावित रूप से वर्ष 2028 में प्रस्तावित हैं, इस बार परिसीमन के बाद कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। परिसीमन की प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर किए जाने का प्रस्ताव है, जिसके चलते राज्य की विधानसभा सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में 230 विधानसभा सीटों वाला मध्य प्रदेश परिसीमन के बाद लगभग 345 सीटों तक पहुंच सकता है। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन विधेयक-2026 के तहत यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, हालांकि अंतिम निर्णय परिसीमन आयोग के गठन और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद ही लिया जाएगा।

बैतूल जिले में वर्तमान में कुल 5 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें मुलताई, आमला, बैतूल, घोड़ाडोंगरी और भैंसदेही शामिल हैं। परिसीमन की चर्चाओं के बीच जिले में 2 नई सीटें—चिचोली और मासोद—जोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो जिले में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर 7 हो सकती है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

परिसीमन की पूरी प्रक्रिया फिलहाल शुरुआती चरण में है। प्रमुख राजनीतिक दल जैसे बीजेपी और कांग्रेस अपनी-अपनी स्तर पर समितियां गठित कर सुझाव एकत्र कर रही हैं। वहीं, परिसीमन आयोग का गठन वर्ष 2026-27 के बीच संभावित माना जा रहा है। इसके अलावा, वर्ष 2027 में प्रस्तावित नई जनगणना के पूर्ण होने के बाद ही परिसीमन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

जनसुनवाई, सीटों का पुनर्निर्धारण और आरक्षण से जुड़े बदलाव अभी शेष हैं। तैयारी का दौर जारी मई 2026 तक यह पूरी प्रक्रिया केवल तैयारी और सुझावों के स्तर पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिसीमन लागू होने के बाद राज्य की राजनीति में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां नई सीटों का गठन प्रस्तावित है।

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