पशुओं के चारे, दाने और दवाइयों के बढ़ते दामों से बढ़ी लागत, कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौंपा आवेदन,
मुलताई। पशुपालन की लगातार बढ़ती लागत के बीच दुग्ध उत्पादक किसानों ने दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि की मांग की है। मंगलवार को मुलताई के जनसुनवाई केंद्र में सहकारी सांची दुग्ध संघ से जुड़े किसानों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को आवेदन सौंपकर दूध के वर्तमान खरीद मूल्य में कम से कम 12 रुपए प्रति फैट की वृद्धि करने की मांग की।
किसानों ने आवेदन में बताया कि मुलताई ब्लॉक के बड़ी संख्या में किसान सांची दुग्ध संघ से जुड़े हुए हैं। दुग्ध उत्पादन उनके परिवार की आय का प्रमुख साधन है। वर्तमान में पशुओं के चारे, खल, भूसा और दाने के साथ ही पशुओं के उपचार में उपयोग होने वाली दवाइयों के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे पशुपालकों की उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है।

किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत के मुकाबले दूध का वर्तमान खरीद मूल्य पर्याप्त नहीं है। इसके चलते दुग्ध उत्पादन से किसानों को अपेक्षित आमदनी नहीं हो पा रही है। उन्होंने सरकार और दुग्ध संघ से दूध के खरीद मूल्य में तत्काल वृद्धि करने की मांग की है।

आंदोलन में शामिल किसान सुरेश चिकाने, कैलाश गोहित, नंदकिशोर, राहुल, प्रीतिलाल, योगेश बारंगे और अशोक पाल ने बताया कि महंगाई को देखते हुए दूध के खरीद मूल्य में कम से कम 12 रुपए प्रति फैट की वृद्धि की जानी चाहिए। किसानों ने गाय के दूध का मूल्य बढ़ाकर 60 रुपए प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 80 रुपए प्रति लीटर से अधिक करने की मांग रखी है। किसानों ने कहा कि पशुपालन पर लगातार बढ़ रहे खर्च को देखते हुए दूध का उचित मूल्य मिलना जरूरी है, ताकि दुग्ध उत्पादक किसानों को उनकी मेहनत और लागत के अनुरूप आय मिल सके।




