घटिया सड़क निर्माण और कचरा पृथक्करण मशीन की खरीदी में अनियमितता का आरोप,

0

मुलताई। पवित्र नगरी मुलताई के विवेकानंद वार्ड क्रमांक 8 की पार्षद अंजलि सुमित शिवहरे ने मुलताई दौरे पर आए नगरीय प्रशासन आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर नगर में मुख्यमंत्री अधोसंरचना एवं कायाकल्प योजना के तहत किए गए सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा कचरा पृथक्करण मशीन की खरीदी में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है। पार्षद ने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित ठेकेदारों, तकनीकी अधिकारियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोष पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका द्वारा मुख्यमंत्री अधोसंरचना एवं कायाकल्प योजना के अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों में सीमेंट-कंक्रीट सड़कों का निर्माण कराया गया है। हालांकि, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पार्षद के अनुसार, कई स्थानों पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क की सतह उखड़ने और क्षतिग्रस्त होने की स्थिति सामने आने लगी है।

पार्षद ने ज्ञापन में कहा कि लाखों रुपये की लागत से निर्मित सड़कों का निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण नहीं होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य में ठेकेदार की कथित लापरवाही तथा तकनीकी अधिकारियों की निगरानी में कमी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सड़कों के निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया है तो जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, वहीं यदि निर्माण में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

ज्ञापन में नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई कचरा पृथक्करण मशीन का मामला भी उठाया गया है। पार्षद ने मशीन की खरीदी में कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए इसकी वास्तविक कीमत, खरीदी प्रक्रिया, निविदा एवं भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

ज्ञापन के अनुसार, उक्त मशीन को ट्रेंचिंग ग्राउंड में रखा गया था, जहां बाद में मशीन के जलने की घटना सामने आई। पार्षद ने मशीन के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पार्षद ने ज्ञापन में मशीन की खरीदी में वास्तविक कीमत से अधिक भुगतान किए जाने की आशंका जताई है। साथ ही मशीन के जलने की घटना की परिस्थितियों की भी जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि खरीदी से लेकर मशीन के उपयोग, रखरखाव और उसके जलने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। हालांकि, मशीन की खरीदी में भ्रष्टाचार या उसे जलाने के पीछे किसी की भूमिका संबंधी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पार्षद अंजलि सुमित शिवहरे ने नगरीय प्रशासन आयुक्त से मांग की है कि नगर में मुख्यमंत्री अधोसंरचना एवं कायाकल्प योजना के तहत निर्मित सीमेंट सड़कों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए। इसके साथ ही कचरा पृथक्करण मशीन की खरीदी से जुड़े दस्तावेजों, लागत, निविदा प्रक्रिया और भुगतान की जांच कराई जाए।

उन्होंने मांग की कि जांच में यदि ठेकेदार, तकनीकी अधिकारियों अथवा नगर पालिका के किसी जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही, अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। पार्षद ने कहा कि जनता के पैसों से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। विकास कार्य लंबे समय तक उपयोगी रहें और सरकारी राशि का सही उपयोग हो, इसके लिए संबंधित विभागों द्वारा नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय किया जाना जरूरी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here