कैमरे में कैद हो रही मुलताई की विरासत और संस्कृति

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मुलताई। पवित्र धार्मिक नगरी मूलतापी की विरासत, संस्कृति और पहचान को सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित मूलतापी रील मेकिंग प्रतियोगिता सीजन-3 की शुरुआत हो गई है।आयोजन के सूत्रधार पत्रकार एवं अधिवक्ता कुलदीप पहाड़ ने बताया कि इस बार प्रतियोगिता में मुलताई के अलावा बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र के नागपुर से कुल 35 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रतियोगिता के तहत 20 अगस्त को सभी प्रतिभागियों को “मुलताई की विरासत, संस्कृति और भविष्य” विषय दिया गया। विषय मिलते ही क्रिएटर्स ने स्क्रिप्ट तैयार करने के साथ ही वीडियो शूटिंग शुरू कर दी। इन दिनों मुलताई और माँ ताप्ती सरोवर के आसपास कैमरे, मोबाइल और ड्रोन के साथ क्रिएटर्स शहर की खूबसूरती, धार्मिक आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को अपने-अपने अंदाज में कैमरे में कैद करते नजर आ रहे हैं।

प्रतिभागियों को अपनी तैयार रील 24 अगस्त तक इंस्टाग्राम पर अपलोड करनी होगी। इसके बाद 30 अगस्त को मुलताई में क्रिएटर मीटअप आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रतियोगिता का जजमेंट करने के साथ ही पुरस्कार वितरण समारोह भी होगा।

प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 11 हजार रुपये पल्लू अग्रवाल, द्वितीय पुरस्कार 5,100 रुपये नीरज ठाकरे और तृतीय पुरस्कार 2,100 रुपये अनीश नायर द्वारा प्रदान किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, मूलतापी रील मेकिंग प्रतियोगिता के सीजन-3 का उद्देश्य मुलताई की पहचान और स्थानीय विरासत को डिजिटल मंच पर नई ऊंचाई देना है। रील्स के माध्यम से माँ ताप्ती की नगरी की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कहानी को देश-दुनिया के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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