लगातार हो रही घटनाओं से दहशत में नगरवासी, प्रशासन की चुप्पी पर उठने लगे सवाल,
मुलताई शनिवार रात एक बार फिर धरती में कंपन और तेज धमाकों जैसी आवाजों से लोगों में दहशत फैल गई। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में रात लगभग 9:30 बजे और 9:45 बजे दो तेज धमाके सुनाई दिए, जिनके साथ लोगों ने जमीन हिलने जैसा कंपन महसूस किया। इसके बाद करीब 9:50 बजे 10:15 पर पुनः हल्के धमाके की आवाज सुनाई दी और कंपन महसूस होने की बात सामने आई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं पिछले कई महीनों से लगातार हो रही हैं, जिससे लोगों के बीच भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। खास बात यह है कि अब तक इन घटनाओं को लेकर प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई स्पष्ट और आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मुलताई। शनिवार रात करीब 9:31 बजे मुलताई सहित आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए, अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इन को भूकंप माना जा रहा है भूकंप का केंद्र देवगढ़ किले के आसपास बताया जा रहा है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 3.9 रिक्टर स्केल दर्ज की गई, जबकि इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी।हालांकि, फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन भूकंप के झटकों से लोगों में डर और बेचैनी देखी गई।
ताप्ती वार्ड निवासी विजय उबनारे ने बताया कि रात 9:30 बजे अचानक जोरदार धमाका सुनाई दिया, जिसके तुरंत बाद धरती में कंपन महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। इसके बाद भी अलग-अलग समय पर कंपन और धमाकों जैसी आवाजें महसूस होती रहीं।
नगरवासियों का कहना है कि लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण लोगों में भय का वातावरण बन गया है। कई लोग इन कंपन और धमाकों को क्षेत्र में संचालित ब्लास्टिंग गतिविधियों से जोड़कर देख रहे हैं। विशेष रूप से नरखेड़, घाट बिरोली और आसपास के क्षेत्रों में संचालित प्लेट जॉइंट एवं ब्लास्टिंग कंपनियों की गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सबसे चिंताजनक बात यह मानी जा रही है कि लंबे समय से ऐसी घटनाएं सामने आने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया आई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत बयान जारी किया गया है। लोगों का कहना है कि यदि यह घटनाएं भूकंप से संबंधित हैं तो प्रशासन को इसकी वैज्ञानिक जांच करवाकर आमजन को जानकारी देनी चाहिए। वहीं यदि कंपन किसी औद्योगिक या ब्लास्टिंग गतिविधि के कारण हो रहे हैं, तो उसके प्रभाव और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को भी सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है।

क्षेत्र के नागरिकों का मानना है कि लगातार हो रहे कंपन और धमाकों की घटनाओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम से जांच कराकर वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए तथा आमजन को यह बताया जाए कि स्थिति कितनी गंभीर है और भविष्य में किसी प्रकार की सावधानी बरतने की आवश्यकता है अथवा नहीं।

फिलहाल लगातार महसूस हो रहे धमाकों और कंपन की घटनाओं ने नगरवासियों की चिंता बढ़ा दी है और लोग प्रशासन से स्पष्ट जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं।प्रशासन को चाहिए कि धमाकों और कंपन के डर से दहशत के माहौल में रातों को घर के बाहर निकल रहे लोगों को इन धामाको और कंपन की जानकारी दें और यह भी बताएं कि अगर यह भूकंप है तो क्यों है और आगामी आने वाले समय में इसके क्या परिणाम होंगे नागरिकों को सुरक्षा की दृष्टि से क्या करना चाहिए।


