मुलताई पुलिस की बड़ी सफलता, तीन दिन तक फरार रहने के बाद घेराबंदी कर दबोचा; पॉक्सो व भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में कार्रवाई,
मुलताई। एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल के नेतृत्व में मुलताई पुलिस ने मानसिक रूप से दिव्यांग नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के जघन्य अपराध का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को थाना वरुड, जिला अमरावती (महाराष्ट्र) से डाक के माध्यम से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर मामला मुलताई थाना क्षेत्र का पाए जाने पर थाना मुलताई में अपराध क्रमांक 530/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 64(2)(k), 65(1) तथा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 4 एवं 6 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता बचपन से मानसिक रूप से दिव्यांग है और उसका उपचार अमरावती में चल रहा है। पिछले छह माह से मासिक धर्म नहीं आने पर परिजन उसे 16 जून 2026 को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकीय परीक्षण में उसके लगभग छह माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण पीड़िता घटना के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ थी, जिससे जांच पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण बन गई।

संवेदनशील पूछताछ से सामने आया आरोपी का नाम,
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता एवं उसके परिजनों से अत्यंत संवेदनशीलता और सूझबूझ के साथ पूछताछ की। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि किसना पिता गंगाराम सातपुते (58 वर्ष), निवासी घाटअमरावती, जो पीड़िता की सहेली का पिता है, ने उस समय दुष्कर्म किया जब पीड़िता अपनी सहेली के घर खेलने गई थी और घर पर कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।

पुलिस को गुमराह करने की कोशिश, तीन दिन रहा फरार,
पुलिस जब आरोपी से पूछताछ के लिए उसके घर पहुंची तो उसने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद वह लगभग तीन दिनों तक फरार रहा और ग्रामीणों व पुलिस की पहुंच से दूर छिपा रहा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर विशेष टीम गठित कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। लगातार प्रयासों और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घाटअमरावती क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 14 जुलाई 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

इन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका,
इस गंभीर और संवेदनशील मामले के सफल खुलासे एवं आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल के नेतृत्व में गठित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में उपनिरीक्षक मोनिका पटले, उपनिरीक्षक अमित पवार, प्रधान आरक्षक सोनू, प्रधान आरक्षक बलराम सरयाम तथा आरक्षक शिवराम, मेहमान, शिवराज, राजा वर्मा एवं गोपाल ने सराहनीय कार्य किया।


