ग्रीन मुलताई समिति ने फलदार एवं छायादार प्रजातियों के लगाए पौधे, ट्री-गार्ड लगाकर संरक्षण का भी लिया संकल्प; मां ताप्ती तट के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार चला रही हरित मुहिम,
मुलताई। पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रीन मुलताई समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी उपजेल परिसर में वृहद पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। समिति के सदस्यों ने फलदार एवं छायादार प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपजेलर दिनेश डांगी के नेतृत्व में समिति के पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
पौधारोपण अभियान के दौरान समिति के वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य एम.के. वर्मा, अतुल बारंगे, आर.के. मालवीय, प्रो. कमलेश सरिया, दीपेश बोथरा, सुनेंद्र देशमुख, निलेश बोबड़े, पवन पाटेकर, सौरभ गगन तथा समाजसेवी चिंटू खन्ना सहित अन्य सदस्यों ने उपजेल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। सभी ने पौधों के नियमित संरक्षण एवं देखरेख का संकल्प भी लिया।

उन्नत किस्मों के फलदार पौधों का किया रोपण,
अभियान के दौरान परिसर की सुंदरता और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए बडिंग तकनीक से तैयार आम की उन्नत किस्मों गाजरा, लंगड़ा, नीलम एवं दशहरी के पौधे लगाए गए। इसके अलावा परिसर को हराभरा एवं छायादार बनाने के लिए गुलमोहर के पौधों का भी रोपण किया गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि इन पौधों के विकसित होने से भविष्य में परिसर की हरियाली बढ़ने के साथ पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।

पौधों की सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम,
ग्रीन मुलताई समिति ने केवल पौधे लगाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सभी पौधों के चारों ओर मजबूत ट्री-गार्ड लगाए गए हैं, ताकि वे पशुओं एवं अन्य कारणों से सुरक्षित रह सकें और स्वस्थ रूप से विकसित हो सकें। समिति द्वारा समय-समय पर पौधों की देखरेख और सिंचाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी जारी है हरित अभियान,
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्रीन मुलताई समिति कई वर्षों से शहर के साथ-साथ मां ताप्ती नदी के तटीय ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान संचालित कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाना, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

समिति का मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण का निर्माण किया जा सकता है। इसी सोच के साथ ग्रीन मुलताई समिति लगातार जनसहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय


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